हरियाणा विधानसभा में कई अहम विधेयक पारित, पूर्व विधायकों के भत्तों पर विपक्ष ने उठाया सवाल

चंडीगढ़, 22 दिसंबर . Haryana विधानसभा के बजट सत्र के दौरान Chief Minister नायब सैनी ने विनियोग विधेयक संख्या-4 (संशोधन) 2025 सदन में पेश किया. इस दौरान कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने Government पर पूर्व विधायकों से जुड़े फैसलों को लागू न करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि Government ने पूर्व विधायकों को 10 हजार रुपये मेडिकल भत्ता और एक लाख रुपये यात्रा भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है. पूर्व विधायक इस मुद्दे को लेकर लगातार संपर्क कर रहे हैं, इसलिए Government को इसे तुरंत प्रभाव से लागू करना चाहिए.

बीबी बत्रा ने वर्तमान विधायकों के यात्रा भत्ते को भी अपर्याप्त बताते हुए इसमें निश्चित बढ़ोतरी की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने इस विषय पर विचार करने का आश्वासन दिया.

चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि उनके क्षेत्र में बाढ़ राहत परियोजना पिछले चार वर्षों से अटकी हुई है.

इस बीच Haryana विनियोग विधेयक संख्या-5 (संशोधन) सदन में पारित किया गया. शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने Haryana तकनीकी शिक्षा अतिथि संकाय (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया.

कांग्रेस विधायक India भूषण बत्रा ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि Government ने कॉलेजों के अनुबंधित अध्यापकों को सेवा सुरक्षा दी है, लेकिन वेतन और अन्य लाभों को लेकर अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है. हालांकि, विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ.

इसके बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने Haryana निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 सदन में पेश किया. कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करते हैं, इसलिए उनकी मांग अधिक है. Government को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संशोधन से निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता प्रभावित न हो.

कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता लगातार कमजोर हो रही है. उन्होंने नॉन-अटेंडिंग कोर्स, बिना प्रैक्टिकल परीक्षा के डिग्रियां देने और Haryana से बाहर के विश्वविद्यालयों द्वारा यहां परीक्षा कराने जैसे मामलों पर Government से सख्त निगरानी की मांग की.

कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में अत्यधिक फीस वसूली जा रही है. Government को फीस निर्धारित करनी चाहिए और प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए. उन्होंने प्रशासक की नियुक्ति से जुड़े प्रावधानों पर भी सवाल उठाए.

कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि शिक्षा में बड़े सुधार की जरूरत है. उन्होंने आशंका जताई कि संशोधन के कारण नए पाठ्यक्रमों की मंजूरी में देरी हो सकती है और विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है.

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि विपक्ष के सुझावों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि Government निजी विश्वविद्यालयों के कामकाज में दखल नहीं देगी, बल्कि कानून व्यवस्था और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रावधान किए गए हैं. इसके बाद निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 सदन में पारित कर दिया गया.

इसके अलावा Haryana आबादी देह स्वामित्व अधिकारों का निहितिकरण, अभिलेखन और संसाधन संशोधन विधेयक सदन में पेश किया गया. स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि इस विधेयक से राज्य के करीब 25 लाख लोगों को लाभ मिलेगा. इसके लिए डेढ़ हजार पटवारियों की नियुक्ति की जाएगी और शिकायत निवारण के लिए विशेष सेल बनाई जाएगी.

Chief Minister नायब सैनी ने कहा कि आबादी देह पर बने मकानों को अब मालिकाना हक दिया जाएगा, जिससे लोग कर्ज ले सकेंगे और उसे बेच भी सकेंगे. सदन ने इस संशोधन विधेयक को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया.

Chief Minister नायब सैनी ने Haryana आवासन बोर्ड संशोधन विधेयक 2025 भी सदन में चर्चा के लिए रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

एएमटी/डीएससी

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