
Lucknow, 24 जून . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने अखिलेश यादव पर Madhya Pradesh में जमीन निवेश और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े गंभीर आरोप लगाए.
ओपी राजभर ने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव से जुड़े मामले पर इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं और आखिर वह क्या छिपाना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की नाराजगी और बेचैनी के पीछे Madhya Pradesh में किए गए कथित निवेश का मामला है.
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि Madhya Pradesh कैडर के आईएएस अधिकारी भरत यादव, जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनका संबंध Samajwadi Party के पूर्व कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता चंद्रपाल यादव के परिवार से है. ओपी राजभर के मुताबिक भरत यादव, चंद्रपाल यादव के दामाद हैं और अखिलेश यादव इस रिश्ते को सार्वजनिक रूप से नहीं बता रहे हैं.
अपने ‘पोस्ट’ में उन्होंने दावा किया कि Madhya Pradesh में हाईवे और सड़क परियोजनाओं के रूट की जानकारी भरत यादव को रहती है. ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि इसी वजह से वहां जमीनों में निवेश कराया गया और इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के हित प्रभावित होने की आशंका से अखिलेश यादव परेशान हैं.
राजभर ने दावा किया कि जमीन से जुड़े मामलों में सैफई परिवार का पुराना अनुभव रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि Lucknow-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान फिरोजाबाद से इटावा तक बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी गई थीं और बाद में एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से बदला गया था.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निजी लाभ के लिए एक्सप्रेसवे का मार्ग सैफई की ओर मोड़ा गया, जिससे इसकी दूरी करीब 30 किलोमीटर बढ़ गई. राजभर का दावा है कि पहले कम कीमत पर जमीनें खरीदी गईं और बाद में उनके बदले भारी मुआवजा प्राप्त किया गया.
पोस्ट में ओपी राजभर ने यह भी कहा कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की रिपोर्ट सामने आने के बाद अखिलेश यादव को डर है कि कहीं Madhya Pradesh से जुड़ी किसी एक्सप्रेसवे परियोजना की रिपोर्ट भी सार्वजनिक न हो जाए, जिससे कथित निवेश प्रभावित हो सकता है.
ओपी राजभर ने मांग की कि जांच एजेंसियां यह पता लगाएं कि Madhya Pradesh में उत्तर प्रदेश के किन-किन प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों का निवेश शामिल है.
हालांकि, इन आरोपों पर अखिलेश यादव या Samajwadi Party की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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वीकेयू/पीएम