
New Delhi, 23 जुलाई . नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने Gujarat में ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथ फैलाने के एक मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अल-कायदा (एक्यू) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ा है.
गिरफ्तार आरोपी फैजान के खिलाफ Ahmedabad में एनआईए की स्पेशल कोर्ट में यूए(पी) एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है.
एनआईए ने मार्च 2026 में एटीएस Gujarat से यह केस अपने हाथ में लिया था. जांच में पता चला कि आरोपी ने India से कश्मीर और लद्दाख को अलग करने की साजिश रची थी, और इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए वह Pakistan में मौजूद जेईएम के एक ऑपरेटिव के संपर्क में था. विश्वसनीय जानकारी के आधार पर फैजान की गिरफ्तारी के बाद एटीएस Gujarat ने इस मामले में First Information Report दर्ज की थी.
एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने India के खिलाफ अशांति और नफरत फैलाने के मकसद से सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए टारगेटेड किलिंग (चुनिंदा लोगों की हत्या) की योजना भी बनाई थी. इस मकसद के लिए उसने उत्तर प्रदेश से बिना वैध लाइसेंस के गैर-कानूनी तरीके से एक हथियार और छह जिंदा कारतूस हासिल किए थे. जांच के दौरान हथियार जब्त कर लिया गया.
अपने ऑनलाइन हैंडलर के निर्देश पर, फैजान India की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खत्म करने के लिए हिंसक जिहाद और सशस्त्र विद्रोह को बढ़ावा देने के मकसद से आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था और उन्हें उकसा रहा था.
जांच के दौरान एनआईए ने उसके डिजिटल डिवाइस से कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद कीं, जिसके बाद फैजान के खिलाफ आरोप तय किए गए.
केस में जांच जारी है ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके.
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एमएस/