
कुवैत, 3 जून . कुवैत हवाईअड्डे के टर्मिनल वन पर हुए ड्रोन हमले में एक शख्स की मौत हो गई है. विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के माध्यम से “लगातार और क्रूर हमलों” का आरोप लगाया गया है. मंत्रालय ने इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.
बयान के अनुसार, तड़के हुए एक हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को निशाना बनाया गया. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए और कुछ राजनयिक मिशनों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कुवैत इन “आक्रामक और अस्वीकार्य” कार्रवाइयों को पूरी तरह खारिज करता है. बयान में कहा गया कि इस तरह की घटनाएं न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लंघन हैं.
कुवैत के अनुसार उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा “रेड लाइन” है, जिसे किसी भी परिस्थिति में पार नहीं किया जा सकता. मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति एक सुनियोजित आक्रामक नीति को दर्शाती है, जिसे कुवैत स्वीकार नहीं करेगा.
बयान में आगे कहा गया कि कुवैत को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित और आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित है. Government ने संकेत दिया कि वह इन हमलों के जवाब में संभावित उपायों पर विचार कर रही है.
कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है.
इससे पहले, कुवैती रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि Wednesday को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया. बयान के अनुसार, यह हमला कथित ईरानी आक्रामक कार्रवाई का परिणाम था, जिससे टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया गया. घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
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केआर/