
रांची, 2 मार्च . राजधानी रांची से सटे रातू थाना क्षेत्र में Monday को जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. पाली गांव में हुई इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है. चार दिनों में यह दूसरी बार है जब हाथी ने रांची के रिहायशी इलाके में घुसकर उत्पात मचाया है.
हाथी के हमले में मृत युवक की पहचान सुबोध खलखो के रूप में हुई है, जो इसी गांव के रहने वाले थे. ग्रामीणों का कहना है कि सुबह हाथी सबसे पहले चित्तरकोटा पतरा गांव के पास देखा गया. ग्रामीणों की मानें तो यही हाथी पिछले Friday को रांची हटिया क्षेत्र में घुस आया था और रिहायशी इलाकों में करीब चार घंटे तक सड़क पर घूमता देखा गया था.
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी की निगरानी की जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने की तैयारी की जा रही है. एहतियात के तौर पर ग्रामीणों से घरों के भीतर रहने, बच्चों और बुजुर्गों को बाहर न निकलने देने तथा हाथी से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है.
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के भटककर पहुंचने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं.
जून 2024 में एक हाथी रांची के बाहरी इलाके कुटे में Jharkhand विधानसभा के निकट देखा गया था. इससे पहले रातू क्षेत्र में दो हाथी एक खाली पड़े कोल्ड स्टोरेज में घुस गए थे. जनवरी 2013 में एक हाथी दीपाटोली आर्मी कैंटोनमेंट इलाके तक पहुंच गया था.
मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर Chief Minister हेमंत सोरेन ने हाल में चिंता जताई थी.
उन्होंने इस मुद्दे पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें हाथियों के हमले रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए थे.
बता दें कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में हाथियों के हमलों में करीब 27 लोगों की जान जा चुकी है.
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एसएनसी/एमएस