
New Delhi, 16 मई . वट सावित्री व्रत के मौके पर देशभर में सुहागिन महिलाओं ने बड़े श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की. दिल्ली के तुगलकाबाद शिव प्राचीन मंदिर और श्री राधा कृष्ण मंदिर में महिलाओं ने विशेष पूजा की और अपने पतियों की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली और पूरे माहौल में भक्ति का वातावरण बना रहा.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी वट सावित्री व्रत को लेकर खास उत्साह देखा गया. महिलाओं ने बरगद के पेड़ की पूजा की, कलावा बांधा और अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की.
एक महिला ने को बताया कि यह व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा हुआ है. सावित्री ने अपने अटूट प्रेम और श्रद्धा से यमराज से अपने पति का जीवन वापस प्राप्त किया था. इसी कारण यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं क्योंकि इसे स्थिरता, दीर्घायु और शक्ति का प्रतीक माना जाता है.
उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान महिलाएं पूजा थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, भीगे काले चने, फल, मिठाई और सुहाग सामग्री लेकर आती हैं. महिलाएं बरगद के पेड़ की परिक्रमा करती हैं और कच्चे सूत को पेड़ के चारों ओर लपेटकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. इस दौरान कथाओं का भी पाठ किया जाता है.
बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में भी व्रत को लेकर खास उत्साह देखा गया. वहां महिलाओं ने सामूहिक रूप से वट वृक्ष की पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की. इसी तरह बांका जिले में भी गांव-गांव और मंदिरों में महिलाओं ने पूजा की, वट वृक्ष की परिक्रमा की और पूरे श्रद्धा भाव से व्रत का पालन किया.
पूरे बिहार में माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा. महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर पूजा स्थलों पर पहुंचीं और एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं. कई जगहों पर सामूहिक पूजा का आयोजन भी हुआ, जहां महिलाओं ने मिलकर कथा सुनी और व्रत की विधि पूरी की.
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पीआईएम/एएस