
New Delhi, 13 अगस्त . रांची में जारी छात्र आंदोलन में Jharkhand के पूर्व Chief Minister रघुवर दास के शामिल होने की घोषणा पर Political बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि भूख हड़ताल करनी चाहिए, लेकिन वह अपने पश्चाताप के लिए करें.
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए पूर्व सीएम रघुवर दास के बयान पर कहा, “इतना जो छात्रों के प्रति प्रेम दिखा रहे हैं. मैं आपको बता दूं कि 2014-2019 तक रघुवर दास राज्य के Chief Minister थे और उन्होंने इन पांच सालों में एक भी जेसीएसपी परीक्षा नहीं कराई. इसलिए पहले उसका जवाब दें कि उनके अपने कार्यकाल में परीक्षा नहीं कराने के लिए कौन जिम्मेदार है?”
सुखदेव भगत ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि भूख हड़ताल करनी चाहिए, लेकिन वह अपने पश्चाताप के लिए करनी चाहिए.”
वहीं, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “रघुवर दास और भाजपा का अब कोई भविष्य नहीं बचा है. उन पर और उनके नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. सबसे पहले, उन्हें इन मुद्दों पर भाजपा के अंदर ही विरोध-प्रदर्शन करना चाहिए. चार पूर्व Chief Minister हैं, उनकी ही लड़ाई चल रही है. रघुवर दास की अब कोई साख या आधार नहीं बचा है. सबसे पहले, उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए कि Jharkhand की जनता से क्या-क्या लूटा गया. उन्हें देखना चाहिए कि उनकी Government के समय कितने पेपर लीक हुए.”
इससे पहले, Jharkhand के पूर्व Chief Minister रघुवर दास Thursday को रांची में आंदोलनरत छात्रों से मिलने पहुंचे थे. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने ने कहा कि छात्रों की मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो वह स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह एक सप्ताह बाद भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन शुरू करेंगे.
बता दें कि जेपीएसएसी समेत अन्य परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर रांची में छात्र पिछले 20 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आई है.
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डीसीएच/