मोहन भागवत के ‘जेन-जी’ वाले बयान पर भाजपा सांसद बोले, छात्र अब विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाले

New Delhi, 7 अगस्त . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा ‘जेन-जी’ और छात्रों को लेकर दिए गए बयान का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने समर्थन किया है. सांसदों का कहना है कि छात्र विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाले है. देश का युवा भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है.

BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि देश का युवा भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और Government उसकी आकांक्षाओं तथा समस्याओं को समझते हुए संवाद की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष की राजनीति पर भी निशाना साधा है.

BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह मोहन भागवत की बात से पूरी तरह सहमत हैं. वह पिछले 18 वर्षों से ‘जागृति यात्रा’ का आयोजन कर रहे हैं, जिसके तहत हर साल 500 युवाओं के साथ ट्रेन से करीब 8,000 किलोमीटर की यात्रा करते हैं. इस अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की सोच और आकांक्षाओं को समझने के लिए भागवत का दृष्टिकोण बिल्कुल सही है.

हथकरघा को बढ़ावा देने की Prime Minister Narendra Modi की अपील का समर्थन करते हुए शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वयं हमेशा पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनते हैं. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अमेरिका यात्रा पर भी उन्होंने व्हाइट हाउस में धोती-कुर्ता पहनकर भारतीय परंपरा का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने सभी नागरिकों से हथकरघा उत्पादों को अपनाने और स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने की अपील की.

छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के मुद्दे पर त्रिपाठी ने कहा कि Government का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि युवाओं की शिकायतों और आकांक्षाओं को बातचीत के माध्यम से समझा जाना चाहिए. Government को छात्रों से कोई समस्या नहीं है, बल्कि आपत्ति उन विपक्षी दलों से है जो छात्र आंदोलनों का Political लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. ऐसे मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए.

BJP MP दामोदर अग्रवाल ने भी कहा कि देश का युवा देशद्रोही नहीं है, बल्कि वही देश का भविष्य है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi लगातार छात्रों से संवाद करते रहे हैं और ‘परीक्षा पे चर्चा’ तथा ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के शोध, नवाचार और साहस को प्रोत्साहित करते रहे हैं.

दामोदर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान कुछ विपक्षी दलों ने Political लाभ लेने का प्रयास किया. उन्होंने रांची में प्रदर्शन कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों से राहुल गांधी की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि वह छात्रों के साथ थे तो पहले दिन से उनके बीच क्यों नहीं पहुंचे और परीक्षा रद्द करने की मांग का समर्थन क्यों नहीं किया.

एसएके/वीसी

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