बकरीद पर जम्मू-कश्मीर और केरल में भी एक दिन का अवकाश, तो बंगाल में दो दिन क्यों: कीया घोष

कोलकाता, 24 मई . भाजपा नेता कीया घोष ने बकरीद की सार्वजनिक छुट्टी को दो दिन से घटाकर एक दिन किए जाने के फैसले को सही बताया है. उन्होंने सीएम सुवेंदु अधिकारी के फैसले का साथ दिया.

कीया घोष ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए पूछा, इसमें इतना विवाद क्यों हो रहा है? बंगाल की मौजूदा Government ने यह फैसला लिया है. ममता बनर्जी ने 2015 से यह नियम लागू किया हुआ था, क्योंकि वह सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करना चाहती थीं. वह निष्पक्षता, धर्म और अपनी मनमानी की आड़ में तुष्टीकरण की राजनीति करती आ रही हैं.

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केरल में एक दिन की छुट्टी होती है. कर्नाटक में भी एक दिन की छुट्टी होती है. जम्मू-कश्मीर में जहां मुस्लिम समुदाय की आबादी सबसे ज्यादा है, वहां भी डेढ़ दिन की छुट्टी होती है. तेलंगाना में एक दिन की छुट्टी होती है. 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले बंगाल में ममता बनर्जी ने उन्हें खुश करने के लिए ऐसा किया था.

कीया घोष ने कहा, “तृणमूल Government के दौर में इतनी ज्यादा अवैध इमारतें बन गई हैं. अब पूरा देश इस बात को समझ रहा है. मैंने अपने कस्बा विधानसभा क्षेत्र में सुना कि कस्बा विधानसभा के विधायक के बेटे का वार्ड नंबर 66 यह कह रहा है कि उसे पता ही नहीं था कि इतनी सारी अवैध इमारतें बन गई हैं तो मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि क्या वे पार्षद बनने लायक भी हैं? ऐसा पार्षद जिसे यह भी नहीं पता कि उसके अपने वार्ड में इतनी सारी अवैध इमारतें हैं. यह सब एक ही रात में तो नहीं हो जाता.”

फल्टा में दोबारा हुए मतदान में भाजपा के आगे रहने पर कीया घोष ने कहा, “पहले के चुनाव में धांधली हुई थी, लेकिन अब लोग अपनी मर्जी से वोट दे रहे हैं.”

आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए कीया घोष ने कहा, “मैं उनसे आग्रह करती हूं कि वे ऐसी कोई भड़काऊ टिप्पणी न करें जिससे सांप्रदायिक झड़प हो सकती है. कानून का सम्मान करना सीखें.”

राहुल गांधी के इस बयान पर कि केंद्र Government एक साल के भीतर गिर सकती है, इस पर घोष ने कहा, “राहुल गांधी, मुझे नहीं पता कि वे ज्योतिष में विश्वास रखते हैं या नहीं या फिर वे खुद ज्योतिष का अभ्यास कर रहे हैं, क्योंकि इस जीवन में Prime Minister बनने का उनका सपना अधूरा ही रह जाएगा.”

एसएके/वीसी

Leave a Comment