
भुवनेश्वर, 24 मार्च . Odisha Government ने जल जीवन मिशन 2.0 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र Government के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस एमओयू के साथ राज्य में हर घर नल से जल पहुंचाने और जल संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हो गया है.
सीएमओ Odisha के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जारी पोस्ट में बताया गया कि New Delhi में जल शक्ति मंत्रालय और Odisha Government के बीच यह एमओयू वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षरित हुआ. Chief Minister मोहन चरण मांझी लोक सेवा भवन, भुवनेश्वर से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील और राज्य मंत्री वी. सोमन्ना New Delhi से जुड़े.
Chief Minister मोहन चरण मांझी ने इस अवसर पर कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 Odisha के ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का बड़ा कदम है. राज्य Government ने मिशन के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसमें ऑपरेशन एवं रखरखाव नीति के तहत जनभागीदारी, वित्तीय स्थिरता और कुशल रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस मिशन को वर्ष 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. Odisha Government इस मिशन के कुल खर्च में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान दे रही है. नागरिकों की सुविधा के लिए ‘वसुधा हेल्पलाइन’, व्हाट्सएप सेवाएं और डिजिटल शिकायत निवारण मंच को और मजबूत बनाया गया है.
मिशन के तहत अब तक प्रमुख उपलब्धियों की बात करें तो इसमें 2.21 लाख जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, 43,000 से अधिक जल निकायों का जीर्णोद्धार, 42,000 भूजल पुनर्भरण संबंधी पहलें पूरी की गईं, 2 लाख से अधिक वाटरशेड (जलग्रहण क्षेत्र) संबंधी कार्य और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए 2 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण महत्वपूर्ण हैं.
Union Minister सी.आर. पाटील ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 अब केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन, स्रोत संरक्षण और समुदाय की भागीदारी पर केंद्रित होगा. Odisha इस दिशा में अच्छी प्रगति कर रहा है.
Chief Minister मांझी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल हर व्यक्ति का अधिकार है और Government इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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एससीएच