ओडिशा विस्फोटक लूट मामला: एनआईए ने चार्जशीट की दाखिल, 11 माओवादियों के नाम शामिल

New Delhi, 11 दिसंबर . Odisha के राउरकेला जिले में एक पत्थर की खदान में ले जाए जा रहे 4,000 किलोग्राम विस्फोटक लूटने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने Thursday को कोर्ट में 11 माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.

एनआईए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, सभी 11 आरोपियों पर यूएपीए, बीएनएसएस, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि आरोपी विस्फोटक के लगभग 200 पैकेटों को ले जाने की आपराधिक साजिश रचने और उसे अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक में 20 किलोग्राम विस्फोटक था.

विस्फोटक भरे वाहन को 10 से 15 माओवादियों ने लूट लिया था. इसके बाद विस्फोटक को Jharkhand के सारंडा जंगल में माओवादी गढ़ों में ले जाया जा रहा था, जब स्थानीय Police ने 27 मई को इटमा एक्सप्लोसिव स्टेशन से बांको पत्थर की खदान तक खेप ले जा रहे वाहन को रोक लिया था.

बलंगीर-बरगढ़ जिले की सीमा पर गंधमर्दन पहाड़ी शृंखला पर एक तलाशी अभियान के दौरान विस्फोटक, माओवादी वर्दी और अन्य सामग्री जब्त की गई. यह तलाशी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (Odisha में वामपंथी चरमपंथियों से लड़ने के लिए गठित एक सुरक्षा बल), सीआरपीएफ, Jharkhand जगुआर और जिला स्वयंसेवी बल की ओर से संयुक्त रूप से की गई थी.

एनआईए ने जून में स्थानीय Police से यह मामला अपने हाथ में लिया था. एजेंसी ने कहा कि यह लूट राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए सीपीआई (माओवादी) की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी.

चार्जशीट में शामिल 11 आरोपियों की पहचान जरजा मुंडा उर्फ ​​कुलु मुंडा, अनमोल उर्फ ​​सुशांत उर्फ ​​लालचंद हेंब्रम, रमेश उर्फ ​​प्रीतम मांझी उर्फ ​​अनल दा, पिंटू लोहरा उर्फ ​​टाइगर, लालजीत उर्फ ​​लालू, शिव बोदरा उर्फ ​​शिबू, अमित मुंडा उर्फ ​​सुखलाल मुंडा, रवि उर्फ ​​बीरेन सिंह, राजेश उर्फ ​​मनसिद, सोहन उर्फ ​​रंगा पूनम और आप्टन उर्फ ​​चंद्र मोहन हंसद के रूप में हुई है.

एसएके/वीसी

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