उत्तर कोरिया और चीन ने दोस्ती के नए दौर में किया प्रवेश, परमाणु कार्यक्रम पर नहीं हुई बात

प्योंगयांग, 9 जून . उत्तर कोरिया और चीन ने अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. दोनों ने Political, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. यह सहमति उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और चीनी President शी जिनपिंग के बीच प्योंगयांग में हुई शिखर वार्ता के दौरान बनी. दोनों के बीच प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई बात नहीं हुई. हालांकि, जिनपिंग की यात्रा से पहले किम जो योंग ने कहा था कि किसी भी कीमत पर न तो उनका देश अपने परमाणु संपन्न दर्जे को छोड़ेगा और न ही किसी की धमकी बर्दाश्त करेगा.

सात वर्षों बाद उत्तर कोरिया की अपनी पहली राजकीय यात्रा (8-9 जून) पर पहुंचे शी जिनपिंग का प्योंगयांग में भव्य स्वागत किया गया. दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक नया अध्याय बताया और कहा कि भविष्य में उच्चस्तरीय संपर्क और रणनीतिक संवाद को और मजबूत किया जाएगा.

उत्तर कोरिया की Governmentी समाचार एजेंसी केसीएनए के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि, दोनों देशों ने एक-दूसरे की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों का समर्थन जारी रखने का भी वादा किया. किम जोंग उन ने चीन के साथ संबंधों को अपने देश की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्राथमिकताओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग और बीजिंग के रिश्तों को समाजवादी देशों के बीच सहयोग का आदर्श मॉडल बनाया जाएगा.

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया और चीन अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. हाल के वर्षों में रूस के साथ उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकियों के कारण दोनों देशों के संबंधों में कुछ ठंडापन देखा गया था. विशेषज्ञों का मानना है कि शी चिनफिंग की यह यात्रा उत्तर कोरिया पर चीन के प्रभाव को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

किम ने शी के इस फैसले की भी सराहना की कि उन्होंने वर्ष 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए प्योंगयांग को चुना. उनके अनुसार, “यह कदम दोनों देशों की मित्रता के प्रति चीन की प्राथमिकता और उत्तर कोरियाई जनता के प्रति समर्थन को दर्शाता है.”

जिनपिंग ने भरोसा दिलाया, “अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, बीजिंग दोनों देशों के साझा हितों की रक्षा करने और अनुकूल रणनीतिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.”

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने उच्चस्तरीय दौरों और नियमित संवाद के जरिए आपसी संपर्क को और मजबूत करने पर सहमति जताई. साथ ही Political, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा एक-दूसरे की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की संयुक्त रूप से रक्षा करने का संकल्प भी लिया गया.

योनहाप के अनुसार वार्ता के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम या कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति जैसे मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया. इससे पहले 2019 में अपनी यात्रा के दौरान शी ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन किया था.

Tuesday को दोनों ने फ्रेंडशिप टॉवर पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जो कोरियाई युद्ध में लड़ने वाले चीनी सैनिकों की याद में बनाया गया स्मारक है. दोनों के साथ उनकी पत्नियां री सोल-जू और पेंग लियुआन भी थीं.

उन्होंने वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की सेंट्रल लीडरशिप अकादमी का भी दौरा किया और मित्रता के प्रतीक के रूप में एक पेड़ लगाया. शी ने कहा, दोनों देशों को अपनी इस मित्रता को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना चाहिए.

रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने मित्रता को समर्पित एक पौधा भी परिसर में लगाया. जिनपिंग Tuesday शाम को बीजिंग लौट जाएंगे.

केआर/

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