
नोएडा, 11 दिसंबर . नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में सभी विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों, ई-ऑफिस व्यवस्था तथा अवैध निर्माण पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई.
सीईओ ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हों. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता पर किसी भी प्रकार की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक के दौरान अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे निर्माणों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को बिंदुवार चिन्हित किया जाए और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही भू-माफिया के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए उनके नाम जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को भेजने और उन्हें भू-माफिया घोषित करने की अनुशंसा करने को कहा. इसके अतिरिक्त यूनिफाइड पॉलिसी के अंतर्गत वाणिज्यिक, संस्थागत, नर्सिंग होम, आईटी-आईटीईएस और कॉरपोरेट श्रेणी के लिए नई भूखंड आवंटन योजना को तत्काल प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में इस योजना में शामिल किए जाने वाले भूखंडों की सूची को अंतिम रूप भी प्रदान किया गया.
आवासीय भूखंड विभाग से जुड़ी प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि आज आयोजित ई-ऑक्शन में 34 भूखंडों के लिए सफल नीलामी संपन्न हुई, जिसमें अनुमानित 118 करोड़ के सापेक्ष 204 करोड़ की उच्चतम बोली प्राप्त हुई.
सीईओ ने इसे प्राधिकरण की विश्वसनीयता का परिणाम बताते हुए इसे सकारात्मक संकेत बताया. बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र के प्रमुख जंक्शनों के सुधार कार्यों की समीक्षा भी की गई. सीईओ ने पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन में तेजी लाने और सभी सुधारात्मक कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए. ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी विभागों को चेतावनी दी कि डिजिटल कार्यप्रणाली को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से लागू किया जाए ताकि फाइल संचालन में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.
सीईओ ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. बैठक में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों समेत सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे.
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पीकेटी/डीकेपी