
शिमला, 5 अगस्त . जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपChief Minister और Himachal Pradesh के Governor कविंदर गुप्ता ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में आए बदलावों को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 के खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और समान अधिकारों का नया युग शुरू हुआ है और दशकों से चले आ रहे अलगाववाद, आतंकवाद और भेदभावपूर्ण व्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगा है.
कविंदर गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पिछले लगभग 50 वर्षों के दौरान जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियों को बेहद करीब से देखा है. राज्य ने आतंकवाद, पलायन और हिंसा के कठिन दौर का सामना किया है. अलगाववाद, आतंकवाद, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का अंत होना आवश्यक था और आज यह लंबे संघर्ष की सफलता के रूप में दिखाई देता है. भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के संकल्प के साथ जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया था, लेकिन उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई. पिछले कई दशकों का संघर्ष अब रंग लाया है और आर्टिकल 370 हटने के बाद उस संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया.
Governor ने दावा किया कि पहले जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी, अलगाववादी गतिविधियां और Pakistan समर्थित तत्व सक्रिय रहते थे, लेकिन अब इन पर काफी हद तक नियंत्रण स्थापित हुआ है. कभी दहशत का प्रतीक माने जाने वाले लाल चौक पर आज तिरंगा गर्व के साथ लहराता है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है.
कविंदर गुप्ता ने कहा कि ‘कश्मीर समस्या’ को वर्षों तक एक अलग पहचान देकर प्रस्तुत किया गया, जबकि अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. उनकी दृष्टि में अब प्रमुख मुद्दा केवल Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का है. जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 समाप्त होने से लंबे समय से वंचित समुदायों को उनके अधिकार मिले हैं. उन्होंने विशेष रूप से वाल्मीकि समाज, गोरखा समाज और पश्चिमी Pakistan से आए शरणार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों को दशकों तक अधिकार नहीं मिले थे, उन्हें अब संवैधानिक अधिकार प्राप्त हुए हैं.
उन्होंने कहा कि 2018 में, जब वह जम्मू-कश्मीर के उपChief Minister थे, उस समय उनकी पार्टी ने राज्य Government से समर्थन वापस लिया था. इसके बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा और आर्टिकल 370 हटने से लोगों की अनेक अपेक्षाएं पूरी हुईं. वर्तमान समय में जम्मू-कश्मीर में पर्यटन तेजी से बढ़ा है और आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास हो रहा है. जो भी पर्यटक या देश का नागरिक आज जम्मू-कश्मीर जाता है, वह पहले और अब के हालात में स्पष्ट अंतर महसूस करता है. यह परिवर्तन एक मजबूत केंद्र Government के कारण संभव हुआ, जबकि पूर्ववर्ती कमजोर Governmentों की तुष्टिकरण की नीतियों ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लंबे समय तक प्रभावित किया था.
जम्मू-कश्मीर के नागरिकों और पूरे देशवासियों को बधाई देते हुए कविंदर गुप्ता ने आगे कहा कि प्रदेश में आए बदलाव शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं.
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पीएसके