
New Delhi, 4 दिसंबर . आर. एडमिरल विकास चावला ने फ्लैग रैंक में प्रमोशन के बाद New Delhi स्थित नेवल हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ मैटेरियल (डॉकयार्ड एवं रिफिट) का पदभार संभाल लिया. उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही नौसेना की डॉकयार्ड और रिफिट संबंधी प्रक्रियाओं में और अधिक मजबूती आने की उम्मीद है. इसकी जानकारी नेवी प्रवक्ता ने दी है.
आर. एडमिरल चावला वर्ष 1994 में इंडियन नेवी में कमीशन हुए थे. वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और नेवल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, लोनावाला के पूर्व छात्र रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने New Delhi के प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज से भी उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
उन्होंने अपने लंबे और महत्वपूर्ण करियर के दौरान आईएनएस रणवीर, आईएनएस Mumbai और आईएनएस तबर पर कई अहम नियुक्तियां निभाईं. इनमें समुद्र में तैनाती से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल थीं. वे Mumbai और विशाखापत्तनम दोनों बड़े नेवल डॉकयार्ड में महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक भूमिकाएं निभा चुके हैं.
चावला ने नेवल एकेडमी में ट्रेनिंग कैप्टन और हेड ऑफ फैकल्टी (इंजीनियरिंग) के रूप में भी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. नेवल हेडक्वार्टर में वे शिप प्रोडक्शन, नेवल ट्रेनिंग तथा स्वदेशीकरण जैसी प्रमुख स्टाफ जिम्मेदारियों का निर्वहन भी कर चुके हैं.
नेवी के प्रवक्ता ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि आर. एडमिरल विकास चावला ने 03 दिसंबर को फ्लैग रैंक पर प्रमोशन के बाद नेवल हेडक्वार्टर, New Delhi में असिस्टेंट चीफ ऑफ मैटेरियल (डॉकयार्ड और रिफिट) का पद संभाला.
एक जुलाई 1994 को इंडियन नेवी में कमीशन हुए, फ्लैग ऑफिसर नेशनल डिफेंस एकेडमी खड़कवासला, नेवल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, लोनावाला और मशहूर नेशनल डिफेंस कॉलेज, New Delhi के पुराने छात्र हैं.
प्रवक्ता ने पोस्ट में आगे लिखा कि उन्होंने आईएनएसरणवीर,आईएनएस Mumbai और आईएनएस तबर पर कई अपॉइंटमेंट्स पर काम किया है, जिसमें पानी पर अपॉइंटमेंट्स भी शामिल हैं. उन्होंने मुबंई और विसाखापट्टनम दोनों नेवल डॉकयार्ड्स में बहुत काम किया है. उन्होंने नेवल अकेडमी में ट्रेनिंग कैप्टन और हेड ऑफ फैकल्टी (इंजीनियरिंग) के तौर पर भी काम किया है.
प्रवक्ता ने बताया कि चावला ने एनएचक्यू में शिप प्रोडक्शन, नेवल ट्रेनिंग और इंडिजिनाइजेशन जैसे अहम स्टाफ अपॉइंटमेंट्स भी संभाले हैं. उन्हें नाओ सेना मेडल मिला है.
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एएसएच/डीकेपी