नई दिल्ली : चार देशों के डिप्लोमैट्स ने राष्ट्रपति मुर्मु को सौंपे अपने क्रेडेंशियल

New Delhi, 23 अप्रैल . India की President द्रौपदी मुर्मु ने Thursday को चार देशों के डिप्लोमैट का क्रेडेंशियल स्वीकार किया. President भवन में आयोजित क्रेडेंशियल प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान कांगो और नामीबिया समेत चार देशों के डिप्लोमैट्स ने अपना पहचान पत्र President को सौंपा.

जिन डिप्लोमैट्स ने क्रेडेंशियल President मुर्मु को सौंपे, उनमें लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत विथाया जायवोंग, कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत एमिली अयाजी मुशोबेक्वा, नामीबिया रिपब्लिक के उच्चायुक्त विंग कमांडर एलेक्स लुन्याजो तुकुहुपवेले (रिटायर्ड) और गिनी-बिसाऊ रिपब्लिक के राजदूत एंटोनियो सेरिफो एम्बालो के नाम शामिल हैं.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर President कार्यालय ने लिखा, “President भवन में लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत विथाया जायवोंग, कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत एमिली अयाजी मुशोबेक्वा, नामीबिया रिपब्लिक के उच्चायुक्त विंग कमांडर एलेक्स लुन्याजो तुकुहुपवेले (रिटायर्ड) और गिनी-बिसाऊ रिपब्लिक के राजदूत एंटोनियो सेरिफो एम्बालो की तरफ से दिए गए परिचय पत्र को स्वीकार किया.”

President भवन में आयोजित क्रेडेंशियल प्रेजेंटेशन सेरेमनी, India में अपने-अपने देशों को प्रतिनिधित्व करने के लिए राजदूतों को आधिकारिक मान्यता देती है.

इससे पहले दक्षिण कोरिया के President ली जे म्युंग के सम्मान में President मुर्मु ने राजकीय भोज का आयोजन किया. यह President ली का पहला India दौरा था. राजकीय भोज में शामिल होने के लिए President ली अपनी पत्नी किम हे-क्युंग के साथ President भवन पहुंचे. President ली की पत्नी दक्षिण कोरिया के पारंपरिक पोशाक में राजकीय भोज में शामिल हुईं.

ली ने President मुर्मु के जीवन का संक्षिप्त वर्णन करते हुए कहा, “मैं President मुर्मु की जीवन यात्रा से बहुत प्रेरित हुआ. एक ऐसी यात्रा जो सामाजिक बाधाओं और व्यक्तिगत कठिनाइयों पर विजय पाने और स्वयं को अपने समुदाय तथा वंचितों की सेवा के लिए समर्पित करने की कहानी है. मैं यह महसूस कर सका कि आज India जिस आत्मविश्वास का प्रदर्शन करता है, वह सीधे तौर पर President के साहस और दूरदृष्टि का परिणाम है.”

दक्षिण कोरियाई President ने कहा कि दोनों देशों में संभावनाएं असीम हैं. उन्होंने उम्मीद जताई, “भविष्य में, हम राजनीति और अर्थशास्त्र के दायरे से आगे बढ़कर, एक-दूसरे के दृढ़ भागीदार के रूप में आगे बढ़ेंगे और मिलकर एक साझा भविष्य का निर्माण करेंगे.”

केके/एबीएम

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