
New Delhi, 13 मार्च . नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया था कि नेताजी की जो टोपी उन्होंने Prime Minister को सौंपी थी, वह लाल किले स्थित नेताजी संग्रहालय से गायब हो गई है. हालांकि अब उन्होंने बताया कि टोपी मिल गई है लेकिन साथ में जांच करने की मांग की है कि वह असली टोपी ही है या नकली.
चंद्र कुमार बोस ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि Prime Minister Narendra Modi जी का धन्यवाद, जिन्होंने नेताजी की टोपी के मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की. उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप से नेताजी की टोपी को फिर से नेताजी एंड आईएनए म्यूजियम में रख दिया गया है, लेकिन नेताजी पर शोध करने वाले लोगों और जिन्होंने पहले इस टोपी को देखा था, उनका कहना है कि यह असल (मूल) टोपी नहीं लगती.
इसलिए विनम्र अनुरोध है कि इसे सही तरीके से प्रमाणित कराया जाए ताकि यह तय हो सके कि यह वास्तव में नेताजी की असली टोपी है या नहीं. जय हिंद.
हालांकि इस विवाद पर Friday को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के लाल किले में रखी नेताजी की मूल टोपी को पराक्रम दिवस समारोह के दौरान 19 से 25 जनवरी 2026 तक श्री विjaipurम में प्रदर्शनी के लिए ले जाया गया था. वापसी के बाद ताले में खराबी के कारण टोपी को सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ा. ताला अब ठीक कर दिया गया है और टोपी को वापस प्रदर्शन के लिए रख दिया गया है.
बोस के अनुसार, टोपी गायब होने का यह मामला 10 मार्च को तब सामने आया, जब वकील नवीन बामल संग्रहालय गए और उन्हें टोपी गायब मिली. उन्होंने Thursday शाम को यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी टोपी के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे रहे और उन्होंने Prime Minister से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था.
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एएमटी/वीसी