
काठमांडू, 3 मार्च . नेपाल में होने वाले संसदीय चुनावों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसी के तहत नेपाल-India सीमा पर सभी प्रमुख चेकपोस्ट Monday रात 12 बजे से 72 घंटे के लिए बंद कर दिए गए हैं. यह बंदी Thursday रात 12 बजे तक लागू रहेगी. चुनाव Thursday को होने हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहतीं.
दरअसल, नेपाल और India के बीच चुनाव के समय सीमा बंद करने की पुरानी परंपरा रही है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी भी तरह के अवांछित तत्व सीमा पार कर चुनाव प्रक्रिया में बाधा न डाल सकें. इस बार भी यही कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है.
सशस्त्र Police बल (एपीएफ) के प्रवक्ता, डीआईजी बिष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि Monday आधी रात से लोगों और सामान की आवाजाही रोक दी गई है. हालांकि, जरूरी सामान जैसे ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई की अनुमति रहेगी. अगर कोई विदेशी नागरिक सीमा पर फंस जाता है, तो उसे नेपाल के भीतर उसके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी.
गौरतलब है कि इस बार नेपाल में 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव हो रहे हैं. यह चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक ‘जेन जेड आंदोलन’ के बाद के.पी. शर्मा ओली की Government गिर गई थी. उसके बाद एक अंतरिम Government बनी, जिसकी अगुवाई Prime Minister सुशीला कार्की कर रही हैं. इस अंतरिम Government को छह महीने के भीतर चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी.
सीमा से सटे जिलों में स्थानीय प्रशासन ने विदेशी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी रोक लगा दी है. नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन चुनाव के मद्देनजर इस पर भी सख्ती की गई है.
डीआईजी भट्ट ने यह भी बताया कि India की सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ तालमेल बनाकर काम किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके. उन्होंने चिंता जताई कि जेन जेड आंदोलन के दौरान लूटे गए हथियार और गोला-बारूद अभी तक बरामद नहीं हुए हैं, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
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पीआईएम/एएस