नीट पेपर लीक मामला सामान्य पेपर लीक नहीं, सिस्टम के भीतर गड़बड़ी की आशंका: सुधांशु त्रिवेदी

धर्मशाला, 15 जून . भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने Himachal Pradesh में आयोजित एक कार्यक्रम में नीट पेपर लीक विवाद, केंद्र Government की आर्थिक नीतियों, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक परिस्थितियों और Himachal Pradesh Government की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी बात रखी.

नीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले पर भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि Government इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रही है और सतर्क है. इस बार जो स्थिति सामने आई है वह सामान्य पेपर लीक से अलग है. अभी तक आम तौर पर पेपर लीक का अर्थ छपाई या परिवहन के दौरान हुई गड़बड़ी से होता है, लेकिन इस बार आशंका है कि प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं. इसे न्यायिक प्रक्रिया में निर्णय सुनाए जाने से पहले उसके लीक होने जैसी गंभीर स्थिति बनाई गई है. इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है.

इसके बाद उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और टैक्स व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई बार वेतन भुगतान तक की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही थी. उन्होंने मौजूदा टैक्स संरचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों पर विभिन्न प्रकार के कर लगाए जा रहे हैं, चाहे वह पार्क में प्रवेश शुल्क हो, सार्वजनिक सुविधाओं पर टैक्स हो या पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन नीतियों के तहत कीमतें कम करने का वादा किया गया था, उसके विपरीत अल्प समय में ही दरों में बढ़ोतरी देखी गई. उनके अनुसार यह स्थिति विपक्षी दल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, क्योंकि उनके वादे और कार्यान्वयन में अंतर दिखाई देता है.

ऊर्जा नीति पर बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा कि India वर्तमान में अपनी पेट्रोलियम आवश्यकताओं के लिए लगभग 45 देशों के साथ बातचीत कर रहा है और 26–27 देशों से आपूर्ति पहले से प्राप्त हो रही है. Government आयात स्रोतों में विविधता लाने पर काम कर रही है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके. रूस, वेनेजुएला जैसे देशों के साथ ऊर्जा आपूर्ति के विकल्पों का उल्लेख किया.

इसके साथ ही उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, हाइड्रोजन ऊर्जा और थोरियम आधारित परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हो रहे प्रयासों की भी चर्चा की. उन्होंने दावा किया कि India की ऊर्जा क्षमता में ग्रीन एनर्जी का योगदान लगभग 50 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुका है, जो देश की ऊर्जा संरचना में बड़े बदलाव को दर्शाता है.

वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य क्षेत्रीय संघर्षों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रमुख के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि India की विकास दर आने वाले समय में वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी रहने की संभावना है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है.

इसके साथ ही BJP MP सुधांशु त्रिवेदी ने Himachal Pradesh पर आरोप लगाया कि राज्य Government ने चुनावों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने जैसे वादे किए थे, लेकिन इसके विपरीत कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई.

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कल्याणकारी योजनाओं को लेकर किए गए कई वादे समय पर पूरे नहीं हो पाए. उन्होंने 2024 में राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति भी आई जब वेतन भुगतान में देरी हुई और मंत्रियों को प्रतीकात्मक रूप से अपना वेतन न लेने की घोषणा करनी पड़ी.

एसएके/वीसी

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