
गुवाहाटी, 24 जुलाई . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Friday को कहा कि नीट परीक्षा को लेकर छात्रों की चिंताएं जायज हैं और उन पर ध्यान दिया जाना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे का Politicalरण नहीं किया जाना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब राज्य भीषण बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है.
पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि Government छात्रों के प्रति सहानुभूति रखती है और देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना चाहती है. उन्होंने बताया कि केंद्र ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं.
Chief Minister ने कहा कि हम छात्रों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह से सहानुभूति रखते हैं. हम सभी चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली में सुधार हो और वह अधिक विश्वसनीय बने. Prime Minister इस संबंध में पहले ही कदम उठा चुके हैं.
हालांकि, सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे पर किसी भी विरोध प्रदर्शन को Political अभियान में नहीं बदला जाना चाहिए, क्योंकि असम इस समय साल की सबसे चुनौतीपूर्ण बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है.
उन्होंने कहा कि इस समय, शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जैसे जिलों में हजारों लोग बाढ़ के कारण जीवन-मरण के संघर्ष में लगे हुए हैं. प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना हमारी सर्वोपरि जिम्मेदारी है. मानवता सर्वोपरि है.
Chief Minister ने कहा कि यद्यपि Government छात्रों और उनके भविष्य को लेकर चिंतित है, लेकिन उसकी तत्काल प्राथमिकता राज्य भर में प्रभावित परिवारों के लिए समय पर बाढ़ राहत और पुनर्वास उपाय सुनिश्चित करना है.
सरमा ने कहा कि हमारी वर्तमान प्राथमिकता बाढ़ राहत है. साथ ही, Prime Minister ने परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर पहले ही कई उपाय शुरू कर दिए हैं.
परीक्षा आयोजित करने में असम के उत्कृष्ट रिकॉर्ड पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने कहा कि राज्य ने नीट परीक्षा के लिए स्वच्छ और पारदर्शी प्रणाली अपनाई है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को नहीं होने दिया है. उन्होंने आगे कहा कि असम के छात्रों के लिए उपलब्ध मेडिकल सीटों की संख्या वर्षों से लगातार बढ़ रही है, जिससे डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं.
सरमा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नीट परीक्षा के संचालन को लेकर असम के बारे में कोई विशेष शिकायत है. हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे.
–
एमएस/