नीट आंदोलन: छात्रों पर दर्ज केस वापसी का श्रेय लेने पर एनडीए-विपक्ष आमने-सामने

Patna, 28 जुलाई . बिहार Government ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का निर्णय लिया है. इस फैसले को लेकर विपक्ष का कहना है कि उनके आंदोलन और दबाव की वजह से Government ने यह कदम उठाया है. हालांकि एनडीए नेताओं ने विपक्ष के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है.

बिहार Government के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “Government ने विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का फैसला किया है. विपक्ष का काम आरोप लगाना है.”

मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि जो लोग वास्तव में छात्र आंदोलन और छात्र विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने हमारी Government के साथ बातचीत की थी. एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई थी. Government ने जहां तक संभव हो सका, उनकी मांगों को मानने की कोशिश की है. उन मांगों में से एक यह थी कि आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ Government द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं. यह फैसला विपक्ष के नेता या किसी अन्य Political दल के दबाव में नहीं लिया गया है, जिन्होंने हिंसा के जरिए आंदोलन को बदनाम करने की हरसंभव कोशिश की.”

वहीं, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि हमने आंदोलन की चेतावनी दी, इसलिए Government ने जेल में बंद छात्रों को रिहा करने का फैसला किया. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या असम में भी इन्हीं की चेतावनी का असर हो गया?”

उन्होंने कहा, “यह एनडीए Government की उदारता है, लेकिन गुनहगार बचेंगे नहीं. जिन लोगों की जिम्मेदारी तय हुई है और जिनके खिलाफ प्रमाण मिले हैं, वे कानून के दायरे में आएंगे. यह फैसला नाबालिगों या 26 तारीख की शाम 5 बजे तक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. इसके बाद भी गिरफ्तारियां हुई हैं.”

नीरज कुमार ने कहा, “जो लोग जिम्मेदार हैं, उनके लिए जमानत की पैरवी करिए और जिन्हें आपने उकसाया है, उन्हें अपनी संपत्ति में हिस्सेदार बना लीजिए.”

पीआईएम/वीसी

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