ओबीसी वाले बयान पर एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी को घेरा, कहा- देश में अराजकता फैलाना चाह रहे कांग्रेस नेता

New Delhi, 19 अगस्त . Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में बयान दिया है कि ओबीसी समाज भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर गया तो Government को झुकना पड़ेगा. राहुल गांधी के इस बयान पर एनडीए के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी.

राहुल गांधी के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने कहा, “सबसे पहली बात तो यह है कि ऐसा उनकी Government के समय नहीं हुआ था. ओबीसी आयोग का गठन मोदी Government ने ही किया था. पीएम मोदी ओबीसी समुदाय का बहुत ध्यान रखते हैं, वे खुद भी ओबीसी वर्ग से आते हैं. लेकिन अब राहुल गांधी यह नया फार्मूला लेकर आए हैं कि हम सब कुछ सड़कों पर करेंगे. इससे पता चलता है कि वे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं.”

उत्तर प्रदेश Government में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी लगातार लोगों को भड़काकर देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में पिछड़े समाज, महिला शक्ति, दलित भाइयों और पसमांदा मुसलमानों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व काम हुए हैं. ऐसे काम जो पहले की किसी Government ने कभी नहीं किए. कांग्रेस पार्टी को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में पिछड़े समुदायों के लिए क्या किया?”

राहुल गांधी के ओबीसी पर दिए गए बयान पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा, “राहुल गांधी तुष्टिकरण की राजनीति क्यों करते हैं? वे ओबीसी समुदाय को उकसाते हैं और फिर कहते हैं कि Government को यह देखना चाहिए कि उनकी सुरक्षा कैसे की जाए. अगर आप सच में लोगों को सशक्त और सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं. एक सही विजन प्लान लेकर आएं. आप कब तक जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करते रहेंगे?”

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “राहुल गांधी अब सिर्फ बयान देने वाले नेता के तौर पर ज्यादा नजर आ रहे हैं. उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जब केंद्र में कांग्रेस की Governmentें थीं और अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस या कांग्रेस के नेतृत्व वाली Governmentें सत्ता में थीं, तो उन छह दशकों के दौरान India Government में कितने ओबीसी सचिव थे?

राहुल गांधी के बयान पर BJP MP गुलाम अली खटाना ने से बातचीत में कहा, “हम इसे एक Political स्टंट मानते हैं. जिस तरह उन्होंने अपराधियों और असामाजिक तत्वों को लाकर दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शन को हाईजैक करने की कोशिश की और जिस तरह उन्होंने Prime Minister कार्यालय के बाहर हंगामा किया, जिस तरह उन्होंने Jharkhand में बच्चों पर अत्याचार किए और कैसे उन्होंने 70 सालों तक ओबीसी को दबाकर रखा, इसलिए, यह अच्छा है कि इसे एक Political स्टंट के तौर पर किया जा रहा है.”

वंदे मातरम पर अली खटाना ने कहा, “लाखों लोगों को वंदे मातरम से ऊर्जा और प्रेरणा मिली. अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई के दौरान, जब माताओं ने आजादी के लिए अपने युवा बेटों को कुर्बान कर दिया, तो वंदे मातरम ही उनका आखिरी नारा और उनके होंठों पर रहने वाला गीत था.”

ओपी/एएस

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