टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की एनडीए नेताओं ने की निंदा

New Delhi, 31 मई . पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और Lok Sabha मेंबर अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान भीड़ के हमले के बाद Political तूफान खड़ा हो गया. भाजपा समेत एनडीए नेताओं ने इस हमले की निंदा की है.

केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने Sunday को हमले की निंदा की लेकिन तृणमूल नेता अभिषेक पर निशाना भी साधा.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इसकी निंदा करती है. हम विरोध करने के इस तरह के गैर-लोकतांत्रिक तरीके का समर्थन नहीं करते हैं और ऐसे तरीकों को सही नहीं मानते हैं. हालांकि, यह भी सच है कि चुनाव से पहले हमारे खिलाफ भी कुछ घटनाएं हुई थीं. अभिषेक बनर्जी ने एक गाड़ी के ऊपर खड़े होकर हीरो वाली इमेज बनाते हुए कहा था कि एक खास तारीख और समय के बाद वे ‘डीजे बजाएंगे’. अब अगर जनता उन्हें उसी भाषा में जवाब दे रही है, तो उन्हें अपने ही बयानों का नतीजा भुगतना होगा.

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और राज्य की पिछली Government को दोषी ठहराया. घोष ने कहा कि अभिषेक के साथ जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था. किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. लेकिन पिछले 15 सालों से जनता परेशान है. एक छोटा-मोटा नेता भी तीन-चार गाड़ियों और सिक्योरिटी के साथ घूमता था.

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने हमले की कड़ी निंदा की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और अभिषेक बनर्जी पर हमला करने, उन पर अंडे फेंकने और उनके साथ मारपीट करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

इस घटना ने पश्चिम बंगाल में Political टकराव को और तेज कर दिया है, जिसमें सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल हिंसा, लोगों के गुस्से और राज्य के सियासी माहौल को लेकर एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं.

पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित के परिजनों से मिलने गए थे, जब कई प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर चोर-चोर के नारे लगाते हुए उनके काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके.

अभिषेक बनर्जी को बाद में इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई.

डीकेएम/पीएम

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