
New Delhi, 29 जुलाई . राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के एक निजी स्कूल में पांच साल के बच्चे के साथ कथित अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है.
आयोग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और वाराणसी के Police आयुक्त को नोटिस जारी किया है. दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.
आयोग ने यह भी कहा है कि रिपोर्ट में पीड़ित बच्चे की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी शामिल की जाए. आयोग ने यह कार्रवाई एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले पांच साल के बच्चे ने कथित तौर पर स्कूल में अपनी पैंट में पेशाब कर दिया था. इससे नाराज होकर शिक्षक उसे स्कूल की रसोई में ले गया और आरोप है कि उसने गर्म चाकू से बच्चे के निजी अंग को दाग दिया. इस घटना से बच्चा गंभीर रूप से डर गया और उसे शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कहना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है. इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट में बच्चे के इलाज और उसकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी जानकारी भी दी जानी चाहिए.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब बच्चा स्कूल से घर लौटा और उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई. बच्चे ने यह भी बताया कि शिक्षक ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने दोबारा ऐसी गलती की, तो उसे इससे भी ज्यादा कड़ी सजा दी जाएगी.
–
एसएचके/एबीएम