योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर भड़का मुस्लिम समुदाय, कहा-हम डरे नहीं हैं, देश संविधान से चलेगा

हैदराबाद, 12 जुलाई . योग गुरु बाबा रामदेव Sunday को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मौजूद थे. यहां उन्होंने हिंदू राष्ट्र और मुसलमानों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भले ही हमारे मजहब अलग हैं, लेकिन पूर्वज एक ही है. मुसलमानों को हिंदू राष्ट्र से डरने की जरूरत नहीं.

बाबा रामदेव के बयान पर तेलंगाना के तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुस्ताक मलिक ने पलटवार किया.

से बात करते हुए बाबा रामदेव ने दावा किया कि मुस्लिम भी सनातनी हैं और उनके पूर्वज सनातन धर्म का पालन करते थे. वास्तव में यह बाहर से आए हुए लोग हैं, इस मुल्क की असल कौम तो द्रविड़ियन हैं. इस पर मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा कि हम बाबा रामदेव जैसे धोखेबाज और विभाजनकारी व्यक्ति को पूरी तरह से खारिज करते हैं. हम देश में भाईचारे को बढ़ावा और प्रेम का संदेश देते हैं, लेकिन बाबा रामदेव जैसे लोग देश में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. इससे देश को नुकसान होगा. ये देश को प्रगति की ओर नहीं बल्कि विनाश की ओर ले जा रहे हैं.

मौलाना सिराज खान ने कहा कि मुसलमान डरा हुआ नहीं है. बाबा रामदेव किसे डराने की कोशिश कर रहे हैं. शायद बाबा रामदेव ही डरे हुए हैं. यह देश संविधान से चलेगा. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के अनुसार काम होगा. किसी को भी इसके खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है. सबसे पहले तो ऐसे बयान देने वाले वे होते कौन हैं. उनकी बातों को गंभीरता से लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अगर कोई व्यक्ति खुद कानून से भागता रहा हो और उस पर कई आरोप और मामले हों, तो उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमारे अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस्लामी मान्यता के अनुसार, पैगंबर पृथ्वी पर पहले इंसान थे. उनसे पहले कोई इंसान नहीं था और उन्हें पूरी मानवता का पूर्वज माना जाता है. जहां तक ​​बाबा रामदेव की बात है तो ऐसे मामलों में उनके विचारों को मानने का कोई कारण नहीं है.

डीकेएम/वीसी

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