मुंबई एनसीबी ने न्यूजीलैंड भेजी जा रही 11 किलो एफेड्रिन जब्त की, चेन्नई से आरोपी गिरफ्तार

New Delhi, 26 जुलाई . नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की Mumbai जोनल यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यूजीलैंड भेजे जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय कूरियर पार्सलों से 10.990 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद किया है.

जब्त किए गए इस प्रतिबंधित पदार्थ की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपए बताई गई है. मामले में चेन्नई निवासी एस. हमीद को गिरफ्तार किया गया है.

एनसीबी के अनुसार, यह कार्रवाई Mumbai जोनल यूनिट को मिली विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर की गई. एजेंसी ने 21 जुलाई और 25 जुलाई को तीन संदिग्ध कूरियर पार्सलों को चेक किया. जांच के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुआ और चेन्नई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

जांच में सामने आया कि चेन्नई से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय एफेड्रिन तस्करी गिरोह लंबे समय से सक्रिय था. आरोपी विदेशों में पार्सल भेजने के लिए फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे. Police और जांच एजेंसियों से बचने के लिए गिरोह के सदस्य Mumbai और पुणे सहित अलग-अलग शहरों में जाकर कूरियर बुक करते थे.

एनसीबी अधिकारियों ने 21 जुलाई को Mumbai में दो संदिग्ध पार्सलों की पहचान कर उन्हें जब्त किया. शुरुआती जांच में इनमें फ्लोर मैट दिखाई दिए, लेकिन गहन तलाशी लेने पर फ्लोर मैट और कपड़े के रोल की कई परतों के बीच 7 किलोग्राम एफेड्रिन छिपाकर रखा गया था. अधिकारियों को पार्सलों के साथ लगे दस्तावेज भी फर्जी मिले.

इसके बाद जांच टीम चेन्नई के त्रिप्लिकेन इलाके पहुंची, जहां से इस काम में लगे एस. हमीद को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान पैकिंग सामग्री, डिजिटल वजनी मशीन, हीट-सीलिंग मशीन, प्लास्टिक बैग, फर्जी पहचान पत्र और कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए. हमीद को 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और आगे की पूछताछ के लिए Mumbai लाया गया.

पूछताछ के दौरान आरोपी ने न्यूजीलैंड भेजे जा रहे एक और पार्सल की जानकारी दी. इसके आधार पर एनसीबी ने 25 जुलाई को Maharashtra के कल्याण में उस पार्सल को रोक लिया. जांच में बेडशीट और फोटो फ्रेम की परतों के अंदर 3.990 किलोग्राम एफेड्रिन छिपाकर रखा गया था.

एनसीबी ने बताया कि एफेड्रिन एक नियंत्रित रसायन है, जिसका सीमित उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में होता है और इसके इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू हैं. लेकिन इसका बड़े पैमाने पर मेथामफेटामाइन जैसे बेहद नशीले सिंथेटिक ड्रग बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. यह ड्रग मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर अस्थायी उत्साह और मतिभ्रम पैदा करता है, जबकि लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और जानलेवा दुष्परिणाम भी हो सकते हैं.

फिलहाल एनसीबी जब्त किए गए एफेड्रिन के स्रोत और पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ उसकी लगातार मुहिम का हिस्सा है. साथ ही ‘नशा मुक्त India 2047’ के लक्ष्य को दोहराते हुए एनसीबी ने लोगों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) पर दें.

वीकेयू/वीसी

Leave a Comment