
New Delhi, 24 जुलाई . नीट पेपर लीक मामले और पीएम Narendra Modi के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (यूबीटी), Jharkhand मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने Government पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए छात्र आंदोलनों के समर्थन का ऐलान किया.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Prime Minister Narendra Modi के संबोधन पर निशाना साधते हुए कहा कि Prime Minister के वादे कभी पूरे नहीं हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि Government युवाओं को प्रभावित करने के लिए केवल दिखावटी कदम उठा रही है.
मसूद ने कहा कि यदि Government वास्तव में छात्रों और युवाओं के हित में काम करना चाहती है तो उसे शिक्षा ऋण माफ करना चाहिए और देश में शिक्षा को सस्ता बनाना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें.
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने Government पर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया. उनका कहना था कि जब आंदोलन दबाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं और छात्र, विपक्ष तथा इंडी अलायंस लगातार Government पर दबाव बनाए रहे, तब Government बातचीत के लिए तैयार हुई.
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने स्पष्ट कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक Prime Minister उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर लेते. उन्होंने आरोप लगाया कि Government जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र और विपक्ष Government की मंशा को समझ चुके हैं.
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं का विरोध उचित मांगों पर आधारित है. एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद Government ने उनसे बातचीत की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया. हालांकि उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं. जब तक Government ठोस पहल नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहना स्वाभाविक है.
इस बीच, सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने संतोष जताया. उन्होंने बताया कि 50 से अधिक सांसदों ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए थे.
माजी ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जो हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों के लिए खड़े रहे हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल में वांगचुक से मिलने गई थीं, तब Police प्रशासन ने उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद उनकी पत्नी के माध्यम से अनशन समाप्त करने की अपील भेजी गई थी.
आरजेडी सांसद संजय यादव ने Government की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र केवल दिखावटी कदम उठा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में Government दीर्घकालिक नीति बनाने के बजाय प्रतीकात्मक फैसले लेती है. यादव ने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी सीबीआई अब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है, जिससे Government की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं.
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि छात्र, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पूरा विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है ताकि इस पूरे मामले में Government की जवाबदेही तय हो सके. उन्होंने आरोप लगाया कि Government मूल मुद्दे से ध्यान हटाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है.
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एसएके/एएस