‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन’ के दौरान काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर ट्रस्टों के बीच एमओयू

वाराणसी/Bhopal , 31 मार्च . भारतीय जनता पार्टी शासित दो पड़ोसी राज्यों Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दोनों राज्यों की Governmentों ने Tuesday को वाराणसी में आयोजित एक व्यापार शिखर सम्मेलन के दौरान दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) उत्पादों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट (वाराणसी में) और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट (उज्जैन में) के बीच एक समझौता हुआ. दूसरा समझौता उत्तर प्रदेश और Madhya Pradesh Governmentों के बीच हुआ है.

बता दें कि वाराणसी में आयोजित ‘Madhya Pradesh-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन’ के दौरान समझौते किए गए. जिसमें Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव और उत्तर प्रदेश Government के कई कैबिनेट मंत्री मौजूद थे.

सम्मेलन को संबोधित करते हुए Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह वाराणसी का बहुत अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, उसी तरह उज्जैन का भी एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है. उन्होंने आगे कहा कि दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध हैं.

सीएम मोहन यादन ने कहा कि दोनों शहरों (उज्जैन और काशी) में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए Prime Minister Narendra Modi ने बड़े विकास कार्यों की शुरुआत की है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि दोनों राज्य आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश मिलकर एक साझा धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित कर रहे हैं, जिससे पर्यटन को गति मिलेगी और श्रद्धालुओं को एक सुगम और समृद्ध तीर्थयात्रा का अनुभव मिलेगा.

यह ‘सम्मेलन’ Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक हस्तशिल्प, ओडीओपी और जीआई-टैग वाले उत्पादों, कृषि और खाद्य उत्पादों, निवेश के अवसरों और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए आयोजित किया गया था.

इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने कहा कि यह ‘सहयोग सम्मेलन’ इन दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच गहरी आपसी समझ का एक स्पष्ट उदाहरण है. उन्होंने इसका भी जिक्र किया कि Madhya Pradesh के बघेलखंड, ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्रों के उत्तर प्रदेश के साथ घनिष्ठ संबंध हैं.

एसडी/डीएससी

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