मानसून सत्र राहुल गांधी के अहंकार की वजह से बाधित हुआ : प्रह्लाद जोशी

New Delhi, 13 अगस्त . Union Minister प्रह्लाद जोशी ने Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उनकी वजह से सदन की कार्यवाही लगातार बाधित रही और पूरा सत्र ही प्रभावित हुआ. उन्होंने नेता विपक्ष को अहंकारी बताया और कहा कि वे सिर्फ अपने अनुसार, सदन को चलाना चाहते हैं. लेकिन, सदन किसी की मर्जी से नहीं, नियमों के अनुसार संचालित होता है.

मीडिया से बातचीत के दौरान Union Minister प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान जो भी चर्चाएं होनी थीं और जो भी सार्थक काम हो सकता था, वह नहीं हो पाया. बिल पास हुए, लेकिन वह एक अलग बात है. पूरा सत्र सिर्फ एक व्यक्ति के अहंकार की वजह से बाधित हुआ. अगर आप इस तरह संसद के कामकाज में बाधा डालते हैं, तो यह अहंकार के अलावा और कुछ नहीं है. पहले वे मांग करते हैं, और जब Government उसे मान लेती है, तो वे पीछे हट जाते हैं. लगभग एक हफ्ते पहले, हम सब साथ बैठे थे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री जवाब देंगे. केंद्रीय गृह मंत्री के जवाब देने के लिए तैयार होने के बाद भी, उन्होंने इसे नहीं माना. जब केंद्रीय गृह मंत्री ने खुद कहा कि वह जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो फिर से राहुल गांधी ने अपनी बात बदल दी.

Union Minister ने कहा कि इस्तीफा मांगने वाले राहुल गांधी Jharkhand के मुद्दे पर इस्तीफा क्यों नहीं मांगते, वहां चुप्पी क्यों साध लेते हैं? राहुल गांधी सिर्फ चुनिंदा मुद्दों पर ध्यान देते हैं और अहंकारी हैं, वे चाहते हैं कि संसद ठीक उनकी मर्जी के मुताबिक चले और वह Government के संवैधानिक ढांचे की परवाह न करें. जनता से 95 बार नकारे जाने के बावजूद, कांग्रेस नेता अपनी बार-बार की नाकामियों से सीखने को तैयार नहीं दिखते. उनका व्यवहार निंदनीय है और संसदीय लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है.

टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से मैं खुश नहीं हूं, मानसून सेशन वाशआउट हो गया है. यह सच है कि हमने 15 या उससे ज्यादा बिल पास किए हैं, लेकिन ये बिल कैसे पास हुए? क्या उन पर कोई चर्चा हुई? क्या उन पर कोई बहस हुई? लोकतंत्र में सभी को मौका दिया जाता है कि वह चर्चा में भाग ले. लेकिन, विपक्ष तो भागने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाता है. इस 18वीं Lok Sabha में बहुत सारे महिला सदस्य हैं, 281 पहली बार चुन कर संसद आए, वे अपने क्षेत्र के मुद्दों पर बोलना चाहते थे. लेकिन, विपक्ष की वजह से बोलने का मौका नहीं मिला.

इसी बीच, वंदे मातरम गायन को लेकर BJP MP मनोज तिवारी ने कहा कि वंदे मातरम हमारा राष्ट्रीय गीत है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे लिखा था, और जब हमारा देश आजाद हुआ, तो इसे राष्ट्रीय गीत के तौर पर अपनाया गया और पूरा गाया गया. लेकिन समय के साथ, कांग्रेस Governmentों के दौरान, वंदे मातरम को हिस्सों में बांट दिया गया और सिर्फ इसका पहला पद ही गाया जाने लगा. आज हमें पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहिए, जिन्होंने वंदे मातरम के पूरे वर्जन को बहाल करने के लिए एक अध्यादेश और बिल पेश किया.

BJP MP अशोक चव्हाण ने कहा कि वंदे मातरम को उसके पूरे रूप में गाया जाना चाहिए. अब तक ऐसा नहीं हुआ था, इसलिए यह अच्छी बात है कि अब ऐसा हो रहा है.

डीकेएम/एबीएम

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