मिजोरम ने ‘खुआरेल’ ऐप लॉन्च किया, नागालैंड ने आपदा तैयारियों पर जोर दिया

आइजोल/कोहिमा, 29 अप्रैल . पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार मिजोरम Government ने एक निजी कंपनी के सहयोग से Wednesday को आपदा संबंधी सूचनाओं के रियल टाइम में प्रसार को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘खुआरेल’ नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

ऐप का अनावरण करते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री लालनीलावमा ने बताया कि ‘खुआरेल’ (मिज़ो भाषा का शब्द जिसका अर्थ प्रकृति है) आपदा की घटनाओं के दौरान जनता, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग और राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच त्वरित संचार और निर्बाध सूचना आदान-प्रदान को सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

यह एप्लिकेशन आपदा संबंधी डेटा के व्यवस्थित रिकॉर्डिंग और प्रबंधन को भी सुगम बनाता है, जिससे बेहतर निगरानी और प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है.

मंत्री ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग और इस प्लेटफॉर्म को विकसित करने वाली निजी कंपनी के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

उन्होंने कहा कि मिजोरम पूर्वोत्तर के उन पहले राज्यों में से एक है, जिन्होंने इस तरह की उन्नत प्रणाली शुरू की है और नागरिकों से इस ऐप को डाउनलोड करने और सक्रिय रूप से उपयोग करने का आग्रह किया, क्योंकि यह उपयोग में आसान है और इसके कई व्यावहारिक लाभ हैं.

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के आयुक्त एवं सचिव उदित प्रकाश राय ने ऐप के फायदों के बारे में विस्तार से बताया.

उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता आपदा की घटनाओं की सूचना सीधे आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग और संबंधित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को तुरंत दे सकेगी.

इसके अलावा, अधिकारी महत्वपूर्ण जानकारी जनता तक शीघ्रता से पहुंचा सकेंगे.

उन्होंने आगे कहा कि इस ऐप से आपदा प्रतिक्रिया तंत्र मजबूत होने और मिजोरम के विभिन्न जिलों और Governmentी विभागों के बीच समन्वय में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.

इस बीच, कोहिमा में, नागालैंड के मुख्य सचिव सेंटियांगर इमचेन ने Wednesday को आपदा प्रतिक्रिया प्रणालियों में यथार्थवादी मूल्यांकन और मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय के महत्व पर जोर दिया.

एमएस/

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