
श्रीनगर, 12 मार्च . हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को Supreme Court से मिली जमानत का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि अदालत से उम्मीद है कि वह जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं और युवाओं को भी राहत देगी.
मीरवाइज उमर फारूक ने Thursday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “Supreme Court से लंबे समय तक जेल में रहने के बाद शब्बीर शाह को मिली जमानत का स्वागत है. हमें पूरी उम्मीद है कि कोर्ट भी इसी भावना से जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर की जेलों में बंद सभी Political कैदियों और युवाओं को राहत देगी, जिससे उनके परिवारों और जम्मू-कश्मीर के लोगों को खुशी मिलेगी.”
Supreme Court से जमानत मिलने के बाद शब्बीर शाह की बेटी सेहर शब्बीर शाह ने पोस्ट किया, “बिना किसी सजा के जेल में रहने के बाद आज न्याय ने अपना पहला कदम बढ़ाया है. हमें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा था और आज वह भरोसा पुख्ता हो गया है.”
Supreme Court ने टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद शब्बीर अहमद शाह को Thursday को जमानत दे दी. जमानत पर कुछ शर्तें लगाई गई हैं, जैसे वे जेल से बाहर रहते हुए किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और ट्रायल में सहयोग करेंगे.
शब्बीर शाह को 2019 से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था. शाह पर आरोप लगाया कि वे जम्मू-कश्मीर को India से अलग करने की साजिश में शामिल थे और टेरर फंडिंग में उनका हाथ था. एनआईए ने मामले में कई चार्जशीट दाखिल की थीं, जिसमें शाह को बाद में शामिल किया गया था.
दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले शब्बीर शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उन्होंने Supreme Court में अपील की थी. अपनी याचिका में शब्बीर शाह की ओर से कहा गया कि उनकी उम्र अब 74 साल हो चुकी है, वे इस मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और ट्रायल में कुल 400 गवाह हैं, जिनमें से अभी सिर्फ 15 की ही गवाही पूरी हुई है. इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद Supreme Court ने जमानत दे दी.
–
डीसीएच/