
Patna, 21 अगस्त . Jharkhand में 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य Government के फैसले पर Jharkhand हाईकोर्ट द्वारा स्टे लगाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.
Patna में बिहार Government के मंत्री दिलीप जायसवाल ने हाईकोर्ट के फैसले पर कहा, “छात्रों के आंदोलन के बाद Government ने ये महसूस किया कि जितने भी परीक्षा हुए हैं उसमें हेराफेरी हुई है और उस हेराफेरी की बहुत ही विस्तृत जांच कराने की आवश्यकता है. न्यायालय पहले इस चीज को विस्तृत तौर पर जानना चाहती है कि ये जो परीक्षा रद्द हुई है इसका समुचित कारण क्या है? और इसीलिए स्टे लगाया जाता है.”
वहीं, जदयू नेता राजीव रंजन ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि इस स्टे को न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए. सुनवाई जारी रहेगी. छात्रों के आंदोलन के बाद Government ने परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो गई थी, अब वो कोर्ट पहुंचे हैं, तो जाहिर है कि उनकी भी बात सुनी जाएगी.
जदयू एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने हेमंत सोरेन Government पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि Jharkhand Government ने नौजवानों की पीड़ा को नहीं समझा. छात्र आंदोलन के दबाव में Government ने परीक्षाएं रद्द कर दी थी. अब भले ही कोर्ट ने उस पर स्टे लगा दिया है, लेकिन सोरेन Government पूरी तरह से बेनकाब हो गई है.
दूसरी तरफ, दिल्ली में कांग्रेस नेता उदित राज ने हेमंत सोरेन Government का बचाव किया. उन्होंने कहा, “Jharkhand छात्र आंदोलन के समय हेमंत सोरेन Government ने बहुत संवेदनशीलता से काम लिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उन्हें छात्रों की मांग को लेकर पत्र लिखा था. Government ने उसे गंभीरता से लिया और छात्रों की मांगे मानते हुए जेएसएससी-सीजीएल समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला भी लिया लेकिन अब हाईकोर्ट ने उस पर स्टे लगा दिया है. इसमें हेमंत सोरेन Government का कोई दोष नहीं है.”
गौरतलब है कि Jharkhand Government ने छात्र आंदोलन और पेपर लीक के आरोपों के बाद 11वीं से 13वीं जेपीएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया था. Government के इस फैसले को नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने Thursday को Government के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.
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पीआईएम/पीएम