
New Delhi, 3 अप्रैल . दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस पर Chief Minister रेखा गुप्ता ने Sunday को मेट्रो फेज-5 (बी) के अंतर्गत बनाए जाने वाले नए कॉरिडोर की घोषणा की. दिल्ली मेट्रो के इस फेज में कुल 7 कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. इनकी कुल लंबाई 97.158 किलोमीटर होगी और इनमें 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे. मेट्रो फेज-5 (बी) के तहत बनाए जाने वाले सातों कॉरिडोर की लागत लगभग 48,204.56 करोड़ रुपए है. Chief Minister का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट से दिल्ली के दूर-दराज और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को मेट्रो से जोड़ा जाएगा, जिससे लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की बेहतर सुविधा मिलेगी.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि फेज-5 (बी) के तहत कॉरिडोर-1, ढांसा बस स्टैंड (नजफगढ़) से नांगलोई तक विकसित किया जाएगा. यह 11.859 किलोमीटर लंबा पूरी तरह एलिवेटेड स्वतंत्र कॉरिडोर होगा. इसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे. सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे. यह कॉरिडोर नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बक्करवाला, बापरोला, दिचाऊं कलां और नजफगढ़ एक्सटेंशन जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर में नांगलोई (ग्रीन लाइन) और ढांसा बस स्टैंड (ग्रे लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी.
उन्होंने बताया कि दूसरा कॉरिडोर केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ तक विकसित किया जाएगा. यह 15.969 किलोमीटर लंबा होगा. इसका अधिकांश हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा. इसमें 13.721 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 2.248 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन होगा. कुल 10 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 9 अंडरग्राउंड और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल होगा. यह कॉरिडोर न्यू मोती बाग की जीपीआरए कॉलोनियों, आरके पुरम सेक्टर-1 और 7, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और Prime Minister संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (वायलेट, येलो और मैजेंटा लाइन), मोती बाग (पिंक लाइन), आरके पुरम (मैजेंटा लाइन) और किशनगढ़ (गोल्डन लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि फेज फेज-5 (बी) के तहत तीसरा कॉरिडोर समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक विकसित किया जाएगा. यह लाइन-2 का विस्तार होगा और पूरी तरह एलिवेटेड रहेगा. यह कॉरिडोर 12.89 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें 8 स्टेशन बनाए जाएंगे; सभी एलिवेटेड होंगे. यह कॉरिडोर सिरसपुर, खेड़ा कलां, होलंबी कलां, अलीपुर, शाहपुर गढ़ी, और डीएसआईआईडीसी नरेला जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. सिरसपुर (येलो लाइन) और नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (रेड लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister के अनुसार, चौथा कॉरिडोर कीर्ति नगर से पालम तक विकसित किया जाएगा. यह लाइन-5 का विस्तार होगा. इसमें अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों सेक्शन शामिल होंगे. इसकी लंबाई 9.967 किलोमीटर होगी, जिसमें 8.397 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 1.57 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा. कुल 6 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 5 अंडरग्राउंड और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल होगा. यह कॉरिडोर सरस्वती गार्डन, मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया-3, आईआईटीएम जनकपुरी और सागरपुर जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. मायापुरी (पिंक लाइन) और पालम (मैजेंटा लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि पांचवा कॉरिडोर जोर बाग से मिठापुर तक विकसित किया जाएगा. यह स्वतंत्र कॉरिडोर होगा. इसमें अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों सेक्शन होंगे. इसकी लंबाई 16.991 किलोमीटर होगी, जिसमें 12.275 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 4.716 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा. इसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 7 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर लोधी कॉलोनी, ओल्ड ईश्वर नगर, आली गांव, जैतपुर, मोलडबंद और मिठापुर जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर में जोर बाग (येलो लाइन), लाजपत नगर (वायलेट और पिंक लाइन), एनएसआईसी ओखला (मैजेंटा लाइन), जसोला अपोलो (वायलेट लाइन) और मदनपुर खादर (गोल्डन लाइन विस्तार) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister ने बताया कि छठा कॉरिडोर शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक विकसित किया जाएगा. यह स्वतंत्र कॉरिडोर होगा. इसमें अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों सेक्शन शामिल होंगे. यह कॉरिडोर 13.197 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें 8.99 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 4.207 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा. इसमें कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 3 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे. यह कॉरिडोर मयूर विहार फेज-3, न्यू कोंडली, मदर डेयरी (पटपड़गंज), गीता कॉलोनी, गांधी नगर मार्केट क्षेत्र, और कैलाश नगर जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर में शास्त्री पार्क (रेड लाइन), निर्माण विहार (ब्लू लाइन) और त्रिलोकपुरी (पिंक लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि फेज-5 (बी) पर सातवां कॉरिडोर केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक विकसित किया जाएगा. यह नया कॉरिडोर होगा और पूरी तरह एलिवेटेड रहेगा. इसकी लंबाई 16.285 किलोमीटर होगी. इस पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे; सभी एलिवेटेड होंगे. यह कॉरिडोर वेस्ट शालीमार बाग, ईस्ट पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-16, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू), और रोहिणी सेक्टर-29 जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर में केशवपुरम (रेड लाइन), नॉर्थ पीतमपुरा (पिंक लाइन) और रोहिणी सेक्टर-34 (रेड लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी.
Chief Minister रेखा गुप्ता के अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि चार प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों को त्वरित आधार पर लिया जाएगा, जिनका लक्षित पूर्णता वर्ष 2029 निर्धारित किया गया है. शेष तीन कॉरिडोरों को बाद में चरणबद्ध तरीके से लिया जाएगा. दिल्ली मेट्रो रेल निगम को यह निर्देश दिया गया है कि वह प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों तथा शेष कॉरिडोरों के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) अलग-अलग प्रस्तुत करे. Chief Minister ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली के हर हिस्से तक मेट्रो की पहुंच मजबूत होगी, यात्रा का समय कम होगा और नागरिकों को अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी. यह विस्तार राजधानी के समग्र और संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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एमएस/