मेघालय का नशा-विरोधी अभियान जन आंदोलन बन चुका है: मुख्यमंत्री संगमा

शिलांग, 26 जून . मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा ने Friday को कहा कि राज्य का ड्रीम मिशन (नशा निवारण, उन्मूलन और कार्रवाई) Governmentी पहल से जन आंदोलन में तब्दील हो चुका है. उन्होंने कहा कि यह मिशन समुदायों, संस्थानों और संगठनों को नशाखोरी और अवैध तस्करी के खिलाफ समन्वित लड़ाई में एकजुट कर रहा है.

उन्होंने कहा कि यह पहल मेघालय Government का प्रमुख मिशन है, जिसका उद्देश्य नशाखोरी को रोकना, पुनर्वास को मजबूत करना, जागरूकता पैदा करना, रिकवरी में सहायता करना और Governmentी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और समुदायों के बीच समन्वय स्थापित करना है.

शिलांग में नशाखोरी और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगमा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य नशे से जुड़े कलंक को करुणा और सहानुभूति से बदलना है, साथ ही नशाखोरी और संगठित तस्करी को खत्म करने के प्रयासों को मजबूत करना है.

Chief Minister ने कहा कि यह दिन Governmentों, समुदायों, शिक्षकों और धार्मिक संगठनों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग को जड़ से उखाड़ने, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को समाप्त करने और व्यसन से जुड़े कलंक को करुणा और सहानुभूति से बदलने के साझा मिशन में एकजुट करता है. हालांकि कई संगठन और व्यक्ति लंबे समय से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ काम कर रहे हैं, लेकिन उनके प्रयासों में अक्सर समन्वय की कमी रही है. उन्होंने कहा कि ड्रीम मिशन ने इन सभी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर बेहतर सहयोग और प्रभाव सुनिश्चित किया है.

संगमा ने जोर दिया कि केवल जागरूकता ही पर्याप्त नहीं होगी और ठोस कार्रवाई का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि Government रोकथाम, पुनर्वास और जागरूकता के क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों और व्यक्तियों को सहायता प्रदान कर रही है और इस आंदोलन की दीर्घकालिक सफलता के लिए जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि आम जनता की सक्रिय भागीदारी के बिना नशा मुक्ति अभियान सफल नहीं हो सकता. हम यहां न केवल हितधारकों के प्रयासों की सराहना करने आए हैं, बल्कि उनके सुझाव सुनने और इस सामूहिक मिशन को मजबूत करने के लिए भी आए हैं.

एमएस/

Leave a Comment