
शिलांग, 10 जनवरी . मेघालय के विपक्ष के नेता और पूर्व Chief Minister मुकुल संगमा ने Saturday को इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के लंबे समय से लंबित मुद्दे और मेघालय रेजिडेंट सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (एमआरएसएसए) के कार्यान्वयन में देरी को लेकर राज्य Government पर तीखा हमला किया.
संगमा ने आरोप लगाया कि राज्य Government ने जानबूझकर एमआरएसएसए के कार्यान्वयन में बाधा डाली है.
उन्होंने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जन पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली Government पर एमआरएसएसए में संशोधन करके अपनी सीमा पार करने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप विधेयक अटक गया और स्वदेशी आबादी के लिए प्रभावी सुरक्षा उपायों को कमजोर कर दिया गया.
यहां राज्य केंद्रीय पुस्तकालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता ने दोहराया कि एमआरएसएसए को उसके मूल स्वरूप में लागू करने में विफलता मेघालय के बाहर से अनियंत्रित प्रवासन और भूमि हड़पने की अनुमति देने की एक सोची-समझी चाल थी.
उन्होंने कहा कि यदि इस अधिनियम को ईमानदारी से लागू किया गया, तो इससे पारंपरिक ग्राम अधिकारियों को सशक्त बनाया जा सकेगा और यह आंतरिक प्रवासन को नियंत्रित करने का एक प्रभावी साधन बनेगा.
मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा ने हाल ही में दोहराया कि राज्य Government मेघालय में आंतरिक प्रवासन योजना (आईएलपी) के विस्तार की लंबे समय से मांग कर रही है ताकि राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा की जा सके.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई हालिया बैठक में Chief Minister ने केंद्र से मेघालय में ब्रिटिश काल की आईएलपी प्रणाली के कार्यान्वयन में तेजी लाने का आग्रह किया और सीमा पार से अवैध आप्रवासन और घुसपैठ को रोकने के लिए इसके महत्व पर जोर दिया.
उन्होंने राज्य के हितों की रक्षा के लिए मजबूत सीमा प्रबंधन तंत्र और कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया.
Chief Minister कॉनराड संगमा ने अवैध अप्रवासी कानून (आईएलपी) की मांग को व्यापक प्रशासनिक सुधारों से जोड़ा है, जिसमें राज्य में प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा बढ़ाना शामिल है. उन्होंने स्थानीय भाषाओं को संवैधानिक मान्यता देने और प्रशासनिक स्वायत्तता बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया है.
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एमएस/