क्वाड अब सिर्फ बातचीत नहीं बल्कि कार्रवाई वाला मंच बन रहा : मार्को रुबियो

New Delhi, 26 मई . अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने Tuesday को कहा कि क्वाड समूह अब सिर्फ बातचीत करने वाला मंच नहीं रह गया है बल्कि यह एक ‘कार्रवाई-प्रधान’ मंच बनता जा रहा है. यहां चारों देश मिलकर साझा मुद्दों पर चर्चा करते हैं और फिर उन पर कार्रवाई भी शुरू करते हैं.

New Delhi में Tuesday को हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत में रुबियो ने कहा कि शपथ लेने के तुरंत बाद क्वाड की बैठक में शामिल होना अमेरिका की इस समूह के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है.

उन्होंने कहा क‍ि पिछले तीन दिनों में मैं सिर्फ मंत्री जयशंकर और भारतीय Government का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने हमारी मेजबानी की. सिर्फ इस द्विपक्षीय यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए भी. मैं तोशी और पेनी का भी धन्यवाद करना चाहता हूं कि वे यहां आए और इसमें शामिल हुए. यह एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है. जब मैं विदेश मंत्री बना, तो मेरी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड के साथ ही थी और इससे हमारी प्रतिबद्धता साफ दिखती है.”

उन्होंने कहा, “हमारा पिछले एक साल का लक्ष्य यही रहा है कि इस मंच को सिर्फ ऐसी जगह न बनाया जाए, जहां हम मिलकर समस्याओं पर बात करें, बल्कि इसे ऐसा मंच बनाया जाए, जहां हम सच में कुछ करके दिखाएं. और मुझे लगता है कि हम अपने-अपने लोगों को यह बता सकते हैं कि हम इस दिशा में काफी तेजी और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ रहे हैं. आज जिन क्षेत्रों में हम साथ काम कर रहे हैं, वे हाल की दुनिया की घटनाओं की वजह से और भी ज्‍यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. इसलिए आज हम अपने संबंधों को और ज्यादा व्यावहारिक बनाने की दिशा में और प्रगति करेंगे.”

रुबियो ने कहा कि चारों देश मिलकर दुनिया की कई बड़ी समस्याओं से निपटने की क्षमता रखते हैं, जैसे मानवीय मदद, समुद्री रास्तों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, और जरूरी खनिजों और सप्लाई चेन को अलग-अलग स्रोतों से मजबूत करना.

उन्होंने कहा क‍ि क्वाड की सबसे खास बात सिर्फ यह नहीं है कि यह चार रणनीतिक साझेदार देशों का समूह है जो एक साथ आकर अपने साझा हितों पर बात करते हैं, बल्कि यह भी है कि यह धीरे-धीरे एक ऐसा मंच बन रहा है जहां हम मिलकर काम करना शुरू कर रहे हैं. चारों देश अपनी-अपनी अलग ताकतें लेकर आते हैं, और मिलकर हम दुनिया की कई बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकते हैं. चाहे वह मानवीय सहायता हो, ऊर्जा सुरक्षा हो, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता हो या ऊर्जा और जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन को ज्यादा विविध बनाना हो.

क्वाड में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं. इसका मकसद समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन को मजबूत करना, जरूरी खनिज, बुनियादी ढांचा विकास, आपदा राहत और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है.

एवाई/पीएम

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