
New Delhi, 23 अप्रैल . दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए चल रहे प्रयासों के तहत कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत 22 अप्रैल को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल और सफाई व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करना था.
आयोग द्वारा गठित पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने दिल्ली के तीन प्रमुख जोन, ‘सिविल लाइंस, करोल बाग और वेस्ट दिल्ली’ में व्यापक निरीक्षण किया. ये क्षेत्र नगर निगम दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
निरीक्षण के दौरान विभिन्न सड़कों पर कुल 34 उल्लंघन पाए गए. इनमें महाकवि गोस्वामी तुलसीदास मार्ग, केशोपुर रोड, नजफगढ़ रोड, वैदिक मार्ग, सतगुरु राम सिंह मार्ग, रिंग रोड (पंजाबी बाग), बाबा रामदेव मार्ग, मल्कागंज रोड, रामलाल कपूर मार्ग, शांति स्वरूप त्यागी मार्ग, आजादपुर रोड, भलस्वा डेयरी रोड और फैज रोड शामिल हैं.
इन स्थानों पर सड़क धूल का अत्यधिक स्तर और निर्माण एवं विध्वंस कचरे का जमाव पाया गया. आयोग के अनुसार, यह स्थिति नियमित सड़क सफाई, धूल नियंत्रण उपायों और समय पर कचरा हटाने में कमी को दर्शाती है, जो स्थानीय स्तर पर प्रदूषण बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं.
सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों, खासकर एमसीडी को निर्देश दिया है कि धूल नियंत्रण उपायों को और मजबूत किया जाए. इसमें सड़कों की नियमित मशीन से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण एवं विध्वंस कचरे का समय पर निस्तारण और अवैध डंपिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है.
आयोग ने कहा कि सड़क की धूल और निर्माण एवं विध्वंस कचरे का गलत प्रबंधन शहरी क्षेत्रों में कणीय प्रदूषण (पार्टिकुलेट मैटर) के बड़े कारण हैं, इसलिए एजेंसियों को जिम्मेदारी तय करते हुए निगरानी तंत्र को मजबूत करना और निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए.
सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत ऐसे निरीक्षण और कार्रवाई अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान कर उन्हें प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके. आयोग सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और ग्रेप दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम कर रहा है.
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एएमटी/डीकेपी