
New Delhi, 30 अप्रैल . सिख पंथ के तृतीय गुरु श्री अमरदास जी का Thursday को प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है. इस अवसर पर Lok Sabha स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने उन्हें नमन किया है. ओम बिरला ने कहा कि उनकी शिक्षाएं हमें निस्वार्थ सेवा, सत्य के मार्ग पर चलने और मानवता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती हैं.
स्पीकर ओम बिरला ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सिख पंथ के तृतीय गुरु श्री अमरदास जी के प्रकाश पर्व पर भावपूर्ण नमन और हार्दिक बधाई. श्री गुरु अमरदास जी ने अपने जीवन से समानता, सेवा और विनम्रता के उच्च आदर्श स्थापित किए. उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाते हुए स्त्री-पुरुष समानता, छुआछूत के उन्मूलन और मानवीय गरिमा के संरक्षण का सशक्त संदेश दिया. उनकी शिक्षाएं हमें निस्वार्थ सेवा, सत्य के मार्ग पर चलने और मानवता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती हैं.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “स्नेह, समानता और विनम्रता को भक्ति का सच्चा मार्ग बताने वाले सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमरदास जी ने मानव को अहंकार त्यागकर सेवा, समर्पण और नाम सिमरन का पथ अपनाने की प्रेरणा दी. उन्होंने महिलाओं को समाज में सम्मान और समान अधिकार दिलाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल की. गुरु साहिब का दिव्य जीवन और उनके उच्च आदर्श समस्त मानव समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे.
श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.”
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं. गुरु अमरदास जी को कोटि-कोटि नमन.”
Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने पोस्ट किया, “मानवता के मार्गदर्शक, शांति के पुंज और सिखों के तीसरे गुरु श्री गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. गुरु साहिब ने हमें निस्वार्थ सेवा, समानता और ‘पहले पंगत, पाछे संगत’ का मार्ग दिखाया. आइए, उनके पवित्र चरणों में नमन करें और उनके बताए सत्य व संतोष के मार्ग पर चलने का संकल्प लें.”
दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “समस्त प्रदेशवासियों को सिख पंथ के तृतीय गुरु, श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं. गुरु साहिब ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध मुखर आवाज उठाई और पंगत-संगत की गौरवमयी परंपरा के माध्यम से समाज को एकता के सूत्र में पिरोया. निस्वार्थ सेवा और समर्पण से आलोकित उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का पुंज है. धन्य-धन्य गुरु साहिब के चरणों में कोटि-कोटि नमन.”
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डीसीएच/