मन की बात : 13 घंटे के अभियान से बची डॉल्फिन, पीएम मोदी ने रेस्क्यू एम्बुलेंस की सराहना की

New Delhi, 31 मई . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कई समसामयिक विषयों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों, गर्मी के मौसम में पारंपरिक पेय पदार्थों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरुकता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. कार्यक्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश में गंगा डॉल्फिन के सफल रेस्क्यू अभियान का विशेष उल्लेख किया और इसे प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया.

पीएम मोदी ने कहा कि हाल के दिनों में एक वीडियो काफी चर्चा में रहा, जिसमें कुछ लोग अत्यंत धैर्य और सावधानी के साथ एक गंगा डॉल्फिन को बचाने का प्रयास करते दिखाई दिए. उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान में लगभग 13 घंटे का समय लगा और अंततः डॉल्फिन को सुरक्षित बचा लिया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक जीव को बचाने की कहानी नहीं बल्कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है.

उन्होंने बताया कि इस सफल अभियान में India की पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उत्तर प्रदेश में एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी, जिसके बाद ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत विकसित इस विशेष एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया. बचाव दल ने डॉल्फिन को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला, उसकी चिकित्सकीय जांच की और उपचार के बाद उसे सुरक्षित रूप से राप्ती नदी में छोड़ दिया.

Prime Minister ने इस विशेष एम्बुलेंस की खूबियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इसे एक चलते-फिरते अस्पताल की तरह तैयार किया गया है. इसमें डॉल्फिन को सुरक्षित रखने की विशेष व्यवस्था, ऑक्सीजन की सुविधा, विशेष स्ट्रेचर और आधुनिक बचाव उपकरण मौजूद हैं. यदि कोई डॉल्फिन घायल हो जाए, नदी से कट जाए या किसी नहर में फंस जाए, तो उसकी तत्काल मदद की जा सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम गंगा डॉल्फिन को बचाते हैं, तब हम केवल एक प्रजाति की रक्षा नहीं करते, बल्कि गंगा नदी की जैव विविधता और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करते हैं. यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की अनमोल धरोहर को सुरक्षित रखने का प्रयास है.

अपने संबोधन के अंत में Prime Minister ने देशवासियों की बचपन की उन यादों का भी जिक्र किया, जो नदियों, तालाबों और कुओं से जुड़ी रही हैं. उन्होंने कहा कि पानी से जुड़ी ये स्मृतियां जीवनभर लोगों के मन में बसी रहती हैं और हमें प्रकृति से अपने संबंध को और मजबूत बनाने की प्रेरणा देती हैं. पीएम मोदी ने नागरिकों से जल स्रोतों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहने का भी आह्वान किया.

एससीएच/पीएम

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