
New Delhi, 27 जनवरी . यूजीसी के नए नियमों पर शुरू हुए विवाद पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह से आरएसएस के कंट्रोल में आ गया है. जो आरएसएस चाह रहा है, यूजीसी वह कर रहा है.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “हम सब जानते हैं कि शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह फेल हो गया है. यह पूरी तरह से आरएसएस के कंट्रोल में आ गया है और यूजीसी जैसी बड़ी संस्था पिछले 10 वर्षों में कमजोर हो गई है. मोदी Government ने शिक्षा विभाग को पूरी तरह से आरएसएस के हवाले कर दिया है और इसी वजह से यूजीसी की हालत बहुत खराब है.”
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के बयान पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, वह नफरत जो आरएसएस अल्पसंख्यकों के खिलाफ फैला रहा था. उस नफरत का मुकाबला करने और प्यार, स्नेह और भाईचारा फैलाने के लिए राहुल गांधी 4,000 किलोमीटर चले. ऐसे नेता के बारे में ऐसी बेबुनियाद बातें कहने से पहले शकील को कम से कम एक बार सोचना चाहिए.”
कांग्रेस छोड़ चुके शकील अहमद ने कहा था कि मैं शशि थरूर को वोट देना चाहता था (कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए), लेकिन जब मैंने देखा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादार लोग खड़गे के लिए वोट मांग रहे थे तो मैंने अपनी मर्जी के खिलाफ खड़गे साहब को वोट दिया क्योंकि मैं अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहता था. राहुल गांधी अच्छे पॉपुलर नेताओं से कभी नहीं मिलते, क्योंकि उन्हें खतरा महसूस होता है.
उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी उन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुद को असहज महसूस करते हैं जिनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा है और इसलिए वह केवल उन लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं जिनका कोई आधार नहीं है.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पदाधिकारियों द्वारा बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की घोषणा पर कहा, “यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है, खासकर उत्तराखंड में. उत्तराखंड को इस देश में देवभूमि माना जाता है, फिर भी यह आरएसएस के प्रभाव में आ गया है. आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों ने अलग-अलग नामों से सांप्रदायिक संगठन बनाए हैं. अगले साल चुनाव आ रहे हैं, ऐसे में भाजपा और आरएसएस के बीच एक साजिश दिख रही है, जो उत्तराखंड में तनाव बनाए रखने, सांप्रदायिक सद्भाव तोड़ने और नफरत फैलाने की नीति के तहत मिलकर काम कर रहे हैं.”
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एसएके/वीसी