
कोलकाता, 18 जून . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Thursday को उन आरोपों को खारिज कर दिया, जो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन सांसदों ने Wednesday की रात पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था हटाने के बारे में लगाए थे.
उन्होंने साफ किया कि किसी भी हाल में उन्हें अपनी पसंद के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) नहीं मिलेंगे.
कोलकाता Police अधिकारियों ने Wednesday को उन दो पीएसओ को बदल दिया जो 2011 में Chief Minister बनने के बाद से ममता बनर्जी के साथ थे. उनकी जगह लेने वाले पीएसओ कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर पहुंच भी गए थे.
पूर्व Chief Minister और उनके सहयोगियों ने नए पीएसओ को अंदर नहीं आने दिया. इसके बजाय, तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन और सागरिका घोष, साथ ही पार्टी की Lok Sabha सदस्य महुआ मोइत्रा ने अपने-अपने social media पोस्ट के जरिए पश्चिम बंगाल Government पर उनकी सुरक्षा व्यवस्था हटाने का आरोप लगाया.
Thursday को तृणमूल विधायक दल के उस मूल गुट के छह विधायकों ने Chief Minister से मुलाकात की, जो ममता बनर्जी और उनके भतीजे व पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति लगातार वफादार रहे हैं. उन्होंने उन पीएसओ को उनकी सुरक्षा टीम में वापस लाने का अनुरोध किया, जो लंबे समय से उनके साथ थे.
हालांकि, इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि Chief Minister ने छह तृणमूल विधायकों से साफ कहा कि किसी भी हाल में ममता बनर्जी को अपनी पसंद के पीएसओ नहीं मिल सकते.
बाद में, मीडियाकर्मियों से बात करते हुए Chief Minister ने इस मामले पर विस्तार से सफाई दी.
उन्होंने कहा कि पूर्व Chief Minister की सुरक्षा हटाने या कम करने के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्हें पहले की तरह ही सुरक्षा कवर ‘जेड प्लस’ सुरक्षा मिल रहा था. उनके लिए तय सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी वही थी.
अधिकारी ने समझाया कि Prime Minister और केंद्रीय गृह मंत्री के सुरक्षाकर्मी भी स्थायी नहीं होते हैं, और कहा, “मेरे पीएसओ भी स्थायी नहीं हैं. वह अपनी पसंद के पीएसओ चाहती हैं. किसी भी Governmentी कामकाज की व्यवस्था में कोई अपनी पसंद का व्यक्ति नहीं पा सकता है.”
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एएसएच/डीकेपी