
पुणे, 16 अप्रैल . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Thursday को पुणे के नंदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ का शिलान्यास किया.
इस कार्यक्रम में बोलते हुए, Chief Minister ने आश्वासन दिया कि राज्य Government जनसेवा के लिए समर्पित धर्मार्थ संगठनों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन द्वारा शुरू की जा रही अस्पताल परियोजना में मरीजों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
इस परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए, Chief Minister ने घोषणा की कि नगर निगम अस्पताल को सड़क संपर्क और पानी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराएगा.
राज्य Government धर्मार्थ संस्थाओं के लिए भवन निर्माण की अनुमति हेतु लगने वाले प्रीमियम शुल्क को कम करने पर विचार कर रही है.
फडणवीस ने कहा, “किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा आज की सबसे बड़ी जरूरत है. जहां कई धर्मार्थ परियोजनाएं व्यावसायिकता की ओर झुक रही हैं, वहीं दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने निस्वार्थ सेवा का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि ‘लता-आशा परियोजना’ भी इसी विरासत को आगे बढ़ाएगी.”
सभा को संबोधित करते हुए, Chief Minister ने दिवंगत आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और बताया कि कैसे उन्होंने जीवन की तमाम कठिनाइयों को सकारात्मकता में बदल दिया.
उन्होंने कहा कि मंगेशकर परिवार ने संगीत और परोपकार के माध्यम से राष्ट्र की सेवा की है; उन्होंने यह भी जोड़ा कि 90 वर्ष की आयु में भी आशाताई के तीन घंटे के कार्यक्रम ‘अद्भुत और अलौकिक’ होते थे.
उन्होंने इस अस्पताल को देश के प्रति उनके समर्पण का एक जीता-जागता प्रमाण बताया.
उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने इस दिन को Maharashtra के लिए एक अत्यंत शुभ दिन बताया.
शिंदे ने कहा, “यह परियोजना हजारों लोगों को जीवनदान देगी. मेरा सुझाव है कि अस्पताल में ‘म्यूजिक थेरेपी’ (संगीत चिकित्सा) को भी शामिल किया जाए, जिसमें लता दीदी और आशा ताई की दिव्य आवाजों का उपयोग उपचार के एक माध्यम के रूप में किया जाए.”
उन्होंने आगे आशा भोसले को मराठी अस्मिता का “मानबिंदु” (गर्व का प्रतीक) बताया.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत, जो इस अवसर पर उपस्थित थे, ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए सुलभ और किफायती होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि जब अपनेपन का भाव होता है, तो सेवा अपने आप ही हो जाती है.
भागवत ने कहा, “जैसा कि यहां योजना बनाई गई है, सभी प्रकार के चिकित्सा उपचारों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने से मरीजों पर पड़ने वाला बोझ काफी हद तक कम हो जाता है. एक सुदृढ़ और समरस समाज के लिए इस तरह की निस्वार्थ परियोजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं.”
लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन के ट्रस्टी, धनंजय केलकर ने इस परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की. यह संस्थान उन महान बहनों की याद में 40 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है. इसका लक्ष्य देश की सबसे बड़ी और सबसे व्यापक चिकित्सा सुविधाओं में से एक बनना है, जिसमें एक विशेष कैंसर केंद्र और एक पुनर्वास केंद्र शामिल होगा.
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एससीएच