मध्य प्रदेश सरकार की मंशा किसानों का गेहूं न खरीदने की : कमलनाथ

Bhopal , 24 अप्रैल Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister कमलनाथ रहे राज्य की मोहन यादव Government पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि Government की मंशा ही नहीं है कि किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जाए. राज्य में इन दिनों गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी चल रही है.

राज्य Government किसानों का हर एक दाना खरीदने का वादा कर रही है, वहीं कांग्रेस Government पर सवाल उठा रही है. पूर्व Chief Minister कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा Government ने इस बार किसानों के खिलाफ ऐसा चक्रव्‍यूह रचा है कि किसान आसानी से न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर गेहूं बेच ही न पाएं.

पूर्व Chief Minister ने आगे कहा कि भाजपा Government ने पहले तो बारदाने की कमी का बहाना बनाकर गेहूं खरीद की प्रक्रिया को करीब एक महीना पीछे खिसका दिया. इसका परिणाम यह हुआ कि छोटे किसानों को औने-पौने दाम पर बिचौलियों को गेंहूं बेचने को मजबूर होना पड़ा.जब गेंहूं खरीद प्रक्रिया शुरू हुई तो छोटे किसानों की स्‍लॉट बुकिंग को सैटेलाइट सर्वे का बहाना बनाकर अस्‍वीकृत कर दिया. किसान समझ ही नहीं पा रहा है कि उसके खेत में जो फसल खड़ी है, वह सैटेलाइट से अस्‍वीकृत क्‍यों हो रही है. इसके बाद किसानों को लगातार स्‍लॉट बुकिंग में समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है.

पूर्व Chief Minister कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि छोटे किसानों को इस चक्रव्‍यूह में फंसाने के बाद Government मझोले और बड़े किसानों के खिलाफ नया कुचक्र लेकर आई और यह व्‍यवस्‍था कर दी कि पहले पांच एकड़ से कम के किसानों का गेंहूं खरीदा जाएगा, उसके बाद दूसरे किसानों का गेंहूं खरीदा जाएगा.Government को अच्‍छी तरह पता है कि छोटा किसान पहले ही बड़ी संख्‍या में बिचौलियों को गेंहूं बेच चुका है. इस तरह Government ने छोटे और मझोले दोनों तरह के किसानों से कम से कम गेंहूं खरीदने का तरीका निकाल लिया.

राज्य Government की ओर से गेहूं खरीदी के जारी किए गए आंकड़ों का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा है कि 23 अप्रैल तक के Governmentी आंकड़े बताते हैं कि जहां मध्‍य प्रदेश के 19 लाख से अधिक किसानों ने एमएसपी पर गेंहूं बेचने के लिये रजिस्‍ट्रेशन कराया है, वहीं 23 अप्रैल तक करीब 7 लाख किसानों के स्‍लॉट ही बुक हो सके हैं. रजिस्‍ट्रेशन और स्‍लॉट अलॉटमेंट के बीच यह भारी अंतर खुद ही Government के षड़यंत्र का खुलासा करता है.ऐसे में Government का यह कहना कि इस बार 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्‍य रखा गया है, एक दिखावा ही है.

पिछले वर्ष ही मध्‍य प्रदेश में करीब 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्‍पादन हुआ था. Government का खुद का दावा है कि इस बार गेहूं का उत्‍पादन पिछले वर्ष से ज्‍यादा हुआ है. ऐसे में Government ने प्रदेश के गेहूं के कुल उत्‍पादन का एक छोटा हिस्‍सा खरीदने का ही टारगेट रखा है. पूर्व Chief Minister ने Government से मांग की है कि किसानों को चक्रव्‍यूह में उलझाने के बजाय अधिकतम किसानों से गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाए. स्‍लॉट बुकिंग और सैटेलाइट सर्वे की दिक्‍कत दूर की जाए. और वादे के मुताबिक किसानों को 2700 रुपये क्विंटल एमएसपी न देने के लिए भाजपा किसानों से माफी मांगे.

एसएनपी/पीएम

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