मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दूध खरीद का लक्ष्य : मुख्यमंत्री यादव

Bhopal , 24 अप्रैल . Chief Minister मोहन यादव ने Friday को कहा कि Madhya Pradesh Government डेयरी सेक्टर के विस्तार के लिए तेजी से प्रयास कर रही है. उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक अहम आधार बताया.

Madhya Pradesh राज्य सहकारी डेयरी महासंघ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकें.

उन्होंने कहा, ”डेयरी विकास किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है और Government सहकारी ढांचे के जरिए इसे गांव-गांव तक पहुंचाने पर काम कर रही है.”

संस्थागत सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए यादव ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ सहयोग से दूध की खरीद और किसानों को मिलने वाले दाम में सुधार हुआ है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अनुभव का उपयोग राज्य स्तर से लेकर गांव स्तर की डेयरी समितियों तक किया जाना चाहिए, ताकि कामकाज में एकरूपता और दक्षता बनी रहे.

Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार करने, नई प्रोसेसिंग और उत्पाद निर्माण इकाइयां स्थापित करने, पशु आहार संयंत्रों को आधुनिक बनाने और डेयरी वैल्यू चेन को डिजिटल करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाए.

उन्होंने दूध और डेयरी उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए ब्रांडिंग मजबूत करने और आधुनिक पैकेजिंग अपनाने पर भी जोर दिया.

यादव ने कहा, ”राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अनुभव का सही उपयोग, बेहतर ब्रांडिंग और पैकेजिंग के साथ मिलकर डेयरी उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा.”

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और युवाओं को आधुनिक डेयरी तकनीकों और नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.

अधिकारियों के अनुसार, राज्य का लक्ष्य 26,000 गांवों को डेयरी गतिविधियों से जोड़ना और रोजाना दूध खरीद को 52 लाख किलोग्राम तक बढ़ाना है. वर्ष 2025-26 में 1,752 नई डेयरी सहकारी समितियां बनाई गईं, जबकि 701 निष्क्रिय समितियों को फिर से सक्रिय किया गया है.

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य में रोजाना करीब 9.67 लाख किलोग्राम दूध की खरीद हो रही है, जिसे 153 बल्क मिल्क कूलर के जरिए संभाला जा रहा है.

पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए Government ने मोबाइल आधारित दूध खरीद प्रणाली शुरू की है, जिससे किसान दूध की मात्रा, गुणवत्ता और कीमत की जानकारी रियल टाइम में देख सकते हैं. साथ ही निगरानी को मजबूत करने के लिए फील्ड फोर्स मॉनिटरिंग ऐप भी शुरू किया गया है.

दूध की गुणवत्ता और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए भी काम किया जा रहा है. इसके तहत इंदौर में मिल्क पाउडर प्लांट और शिवपुरी व ग्वालियर की डेयरी इकाइयों के उन्नयन जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं, ताकि राज्य में आधुनिक और मजबूत डेयरी सिस्टम तैयार किया जा सके.

एएमटी/एबीएम

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