
Bhopal , 18 अप्रैल . Madhya Pradesh में माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित की गई 10वीं और 12वीं की परीक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने हेतु एक और अवसर दिया जा रहा है. यह द्वितीय परीक्षा सात मई से 20 मई तक आयोजित की जाएगी.
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस वर्ष की परीक्षा में किसी भी छात्र का परीक्षाफल पूरक घोषित नहीं किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों के लिए द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है. जो विद्यार्थी अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अंक सुधारना चाहते हैं. उनके लिए द्वितीय अवसर परीक्षा होगी.
आयोजित की जा रही द्वितीय अवसर परीक्षा में ऐसे छात्र जो मंडल की प्रथम परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण रहे हों, सम्मिलित हो सकेंगे. ऐसे परीक्षार्थी जो किसी विषय में उत्तीर्ण हो गए हों, वे भी अंक सुधारने के लिए द्वितीय अवसर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं.
परीक्षार्थियों का प्रथम एवं द्वितीय अवसर में से जो भी श्रेष्ठ परिणाम होगा, वह अंतिम रूप से मान्य रहेगा. प्रायोगिक विषयों में किसी छात्र को प्रायोगिक और आंतरिक परीक्षा के केवल अनुत्तीर्ण भाग में शामिल होने की पात्रता होगी.
द्वितीय अवसर परीक्षा में परीक्षार्थी को विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी. द्वितीय अवसर परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 अप्रैल तक एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भरे जा सकते हैं.
Chief Minister मोहन यादव के नेतृत्व में Madhya Pradesh राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाले देश का पहला राज्य बना है. प्रदेश में प्राइमरी स्तर पर ‘ड्रॉप आउट रेट’ शून्य हो गया है. प्रदेश में 369 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनी विद्यालय और 730 पीएम श्री स्कूल, शालेय शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं.
शिक्षा के लिए बजट में 36 हजार 730 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है. यह निवेश अगली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है. निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर 8 लाख 50 हजार से अधिक बच्चों की फीस राज्य Government भर रही है, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहे.
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एसएनपी/एएसएच