
डिंडोरी/खंडवा, 22 अप्रैल . Madhya Pradesh ने जल संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. केंद्र Government के ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ के तहत डिंडोरी जिले ने देश में पहला और खंडवा जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है.
Madhya Pradesh Government की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जल शक्ति मंत्रालय ने Wednesday को New Delhi में आयोजित एक कार्यक्रम में रैंकिंग जारी की, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाया गया है.
डिंडोरी जिले ने 1.23 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण करके देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है.
यह जिला सामुदायिक नेतृत्व वाले जल प्रबंधन का एक आदर्श बन गया है.
खंडवा जिला 87,000 से अधिक संरचनाओं के निर्माण के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
अधिकारियों ने कहा कि दोनों जिलों के प्रदर्शन ने Madhya Pradesh की समग्र रैंकिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
यह उपलब्धि Prime Minister Narendra Modi के जल संरक्षण को राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बनाने के आह्वान के अनुरूप है.
इसी सोच को साकार करते हुए Chief Minister मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य Government 19 मार्च से 30 जून, 2026 तक ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चला रही है.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना है.
राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी अवि प्रसाद ने बताया कि केंद्र Government एक रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रगति की निगरानी कर रही है.
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य भर में अब तक 3.97 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाई जा चुकी हैं.
Chief Minister मोहन यादव ने एक बयान में कहा कि जल संरक्षण प्रयासों की सफलता के लिए जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने आगे कहा कि यह अभियान पारंपरिक प्रथाओं को एक संगठित जन आंदोलन में बदल रहा है.
राज्य ने जल संरक्षण पहलों के लिए लगभग 6,278 करोड़ रुपए का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया है.
244 लाख से अधिक परियोजनाओं की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 6,236 करोड़ रुपए की परियोजनाएं वर्तमान में कार्यान्वयन के अधीन हैं.
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एमएस/