
कोलकाता, 27 मार्च . पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ने Friday को कहा कि राज्य में तैयार एलपीजी को तब तक राज्य से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए, जब तक कि एलपीजी सप्लाई को लेकर चल रहा मौजूदा संकट हल नहीं हो जाता.
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों में नौकरशाहों और Police अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, बदलाव और डेपुटेशन के बाद, इस बात की पूरी संभावना है कि राज्य में बनने वाली एलपीजी की सप्लाई राज्य से बाहर कर दी जाए.
Chief Minister ने कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि मौजूदा संकट के दौर में, किसी भी हाल में पश्चिम बंगाल में बनने वाली एलपीजी राज्य से बाहर नहीं जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नौकरशाहों और Police अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, बदलाव और डेपुटेशन की वजह से ऐसा होने की आशंका बनी हुई है. साथ ही, विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव अधिकारी और सीएपीएफ के जवान भी बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल आएंगे. राज्य के लोगों को खाना पकाने के लिए मिलने वाली एलपीजी की सप्लाई में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
इसके बाद सीएम बनर्जी पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल के लिए रवाना हो गईं, जहां उन्हें अलग-अलग चुनावी रैलियों को संबोधित करना था.
इस मौके पर बोलते हुए, उन्होंने ईसीआई पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस हफ्ते की शुरुआत में जारी की गई पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट में से कई वोटरों के नाम कथित तौर पर हटा दिए गए हैं. यह लिस्ट उन मामलों की थी जिन्हें न्यायिक निपटारे के लिए भेजा गया था.
Chief Minister ने कहा, “Supreme Court ने सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था. उनका दावा है कि पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी कर दी गई है. लेकिन, हमें अभी तक उनकी हार्ड कॉपी नहीं मिली है. यह लोकतंत्र की हत्या है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.”
उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन लोग इन सब के लिए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण मांगेंगे.
सीएम ने सवाल किया, “अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें पारदर्शी तरीके से अपना नाम मतदाता सूची से हटवाना चाहिए. लोगों को पता चलना चाहिए कि उनका नाम सूची में है या नहीं. हर जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए एक न्यायाधिकरण होना चाहिए. क्या यह देश भाजपा की निजी संपत्ति है?”
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एएसएच/एबीएम