देश मे आज ही के दिन लगा था लॉकडाउन, सड़कें दिखी थीं वीरान

मुंबई, 24 मार्च . देश में आज लॉकडाउन की चौथी वर्षगांठ है. देश में चार साल पहले आज ही के दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए ‘लॉकडाउन’ का ऐलान किया था. चीन के वुहान से शुरू कोरोना वायरस ने देखते ही देखते पूरी दुनिया को अपनी आगोश में ले लिया था.

कोविड-19 वायरस के घातक प्रसार के संभावित नतीजों को भांपते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 11 मार्च 2020 को आधिकारिक तौर पर इसे वैश्विक महामारी घोषित किया था. इस वायरस ने दुनिया के लोगों और देशों को एक-दूसरे से अलग-थलग कर दिया गया था.

इसके दो हफ्ते बाद, 24 मार्च 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सबसे पहले, पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया था. जिसके बाद लोग अपने घरों में ही कैद हो गए. अपने गांवों को छोड़कर रोजी रोटी के लिए दूसरे शहर गए लोगों ने पैदल ही अपने घरों को रूख कर दिया था. कई महीनों तक देश में लोगों की जिंदगी घरों में ही कैद हो गई थी और सकड़ों व बाजारों में सन्नाटा पसर गया था.

भारत में कुल 4,50,33,332 मामले दर्ज किए गए और 5,33,537 लोगों की मौत हुई है. 11,17,27,592 मामलों और सर्वाधिक 12,18,464 मौतों के साथ अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है, जो भारत की तुलना में दोगुने से भी अधिक है. दुनिया में कुल मिलाकर अब तक 70,43,18,936 संक्रमण हुए और 70,07,114 लोगों की मौत हुई है.

जब दुनिया कोविड-19 महामारी के प्रभाव से जूझ रही थी तब सऊदी अरब के मक्का और मदीना की वार्षिक हज यात्रा भी बंद कर दी गई थी. वहीं मुंबई में प्रतिष्ठित मोहम्मद अली रोड का रमज़ान स्ट्रीट फूड बाज़ार लगभग 250 साल पुराने इतिहास में पहली बार पूरे महीने बंद रहा.

महामारी के कारण देश और दुनिया की हवाई यात्रा को भी बंद कर दिया गया था. इसके अलावा खरीदारी गतिविधि की जगह बड़े पैमाने पर ऑनलाइन शॉपिंग, दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमित दी गई थी. लोगों को नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में जाने से रोक दिया गया था. लोगों ने घरों पर ही नमाज अदा की थी. वहीं लोगों न मंदिर जाने के वजाय घरों पर ही पूजा अर्चना की. इसके अलावा अन्य धर्मों के लोगों ने भी लॉकडाउन का पालन किया और घरों पर ही प्रार्थना की.

बता दें कि मई 2023 में डब्ल्यूएचओ ने महामारी की समाप्ति की घोषणा की थी.

एफजेड/