
श्रीनगर, 3 मई . जम्मू-कश्मीर के उपGovernor मनोज सिन्हा ने Saturday को लोक भवन में नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान की प्रगति की समीक्षा करने और मादक पदार्थों के दुरुपयोग और नार्को-आतंकवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला-वार कार्य योजनाओं का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की.
उपGovernor ने अगले 78 दिनों में सभी जिला प्रशासनों द्वारा एक केंद्रित, समयबद्ध और परिणाम देने वाले रणनीति बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और मादक नेटवर्क को नष्ट करने के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें.
उपGovernor ने पंचायत और वार्ड स्तर पर जमीनी स्तर पर गहन भागीदारी का आह्वान किया. उन्होंने धार्मिक नेताओं, शिक्षाविदों, व्यापारियों, युवा समूहों और सामाजिक एवं Political कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया ताकि अभियान को एक सतत जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सके.
उपGovernor ने उपायुक्तों को सभी पंचायतों में खेल के मैदानों के विकास और जिलों में खेल अवसंरचना को मजबूत करने का निर्देश दिया. नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के बैनर तले नियमित रूप से खेल प्रतियोगिताओं और युवा भागीदारी गतिविधियों के आयोजन का भी निर्देश दिया, ताकि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक कार्यों में लगा सकें और मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहें.
नशीले पदार्थों के प्रति प्रशासन की शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए उपGovernor ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया.
उपGovernor ने मादक पदार्थों के तस्करों के ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों को रद्द करने या निलंबित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के त्वरित कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने नार्को टेरर और मादक पदार्थों के तस्करों से जुड़ी संपत्तियों की शीघ्र पहचान और जब्ती का भी आह्वान किया. नुस्खे वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए दवा दुकानों के गहन निरीक्षण और शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के लिए निर्देश दिए.
उपGovernor ने उपायुक्तों को फर्जी या अनधिकृत नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की पहचान करने और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया. इसके साथ ही कहा कि केवल प्रमाणित संस्थान ही स्थापित नियामक ढांचे के भीतर संचालित हों.
उपGovernor ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में महिला समितियों और युवा क्लबों को महत्वपूर्ण सामुदायिक संस्थाओं के रूप में मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने जागरूकता अभियानों में उनकी प्रभावी भागीदारी, कमजोर व्यक्तियों की शीघ्र पहचान और समुदाय-आधारित निगरानी तंत्रों के लिए आह्वान किया.
उन्होंने ब्लॉक दिवस और थाना दिवस को जन शिकायतों के समाधान और नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने के मंच के रूप में उपयोग करने का भी निर्देश दिया. उपGovernor ने अधिकारियों को वार्षिक श्री अमरनाथजी यात्रा और मुहर्रम सहित आगामी प्रमुख धार्मिक आयोजनों के सुचारू संचालन के लिए अग्रिम और व्यापक उपाय करने का निर्देश दिया. उन्होंने लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने की आवश्यकता पर बल दिया.
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ओपी/एबीएम