हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा को जनता-जनमत की ताकत से हराएं : अखिलेश

Lucknow, 21 दिसंबर . Samajwadi Party (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं.

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने Sunday को social media मंच एक्स पर लिखा कि बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी. अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए. मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा.

उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें कुदरती ढाल है. अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है. सपा प्रमुख ने कहा कि अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है. अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है. जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है. गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है. अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है. इसके अलावा, अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अरावली को बचाना दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे. आज एनसीआर के बुजुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे खराब और खतरनाक असर पड़ रहा है. यहां के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो उत्तर India के सबसे बड़े बाजार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी. ⁠विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे. ⁠न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा. ⁠न ही कोई Political, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा. ⁠न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी. ⁠यहाँ के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियां ठप्प हो जाने के कगार पर पहुंच जाएंगी.

उन्होंने कहा कि जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा? यहां तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे.

अखिलेश ने कहा कि ⁠इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर चैनल, हर अखबार को ये अभियान चलाना चाहिए. जो लोग Government की चाटुकारिता कर रहे हैं, वो भी समझ लें कि उनका स्वयं का जीवन भी खतरे में है. अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है. पूर्व Chief Minister ने कहा कि अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और जमीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे.

विकेटी/एएस

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